Wednesday, January 29

अपने ही जाल में फंस गए केजरीवाल: रमेश बिधूड़ी आप’ ने वोटबैंक के नाम पर अटकाए काम

भरत जुनेजा
नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उत्तरी दिल्ली सांसद रमेश बिधूड़ी ने दिल्ली सरकार पर हमला बोलते हुए अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले 40 लाख से ज्यादा लोगों से बोले गए झूठ का खुलासा किया। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा उपस्थित रहे।
इस दौरान बिधूड़ी ने ‘आप’ पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के नक्शे कदम पर चलते हुए आम आदमी पार्टी के सरकार ने पिछले पांच सालों में दिल्ली के लोगों को भ्रमित करने का काम किया है। हर चुनाव से पहले अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के नाम पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने वोटों के लिए उन कॉलोनियों में रह रहे 40 लाख से भी ज्यादा लोगों को ठगा है। कांग्रेस ने 15 साल और ‘आप’ ने 5 साल जिस तरह इस मामले को लटकाकर रखा, उसके बाद इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों ने घरों के मालिकाना हक मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। पिछले विधानसभा चुनाव से पहले भी आम आदमी पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में 56वें नंबर पर अनधिकृत कॉलोनियों को 1 साल के अंदर ही नियमित करने का वादा किया लेकिन दिल्ली की सत्ता में आते ही इस वादे को मुख्यमंत्री केजरीवाल निगल गए । केजरीवाल सरकार से जब इस मामले को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने 2017 में 2 साल का समय मांगा, फिर 2019 में जब केंद्र सरकार ने इस मुद्दे को उठाया तो एजेंसियों की लापरवाही का बहाना बनाते हुए और फिर से 2 साल का समय मांगा लेकिन पांच सालों में भी दिल्ली सरकार ने कॉलोनियों का ले आउट प्लान तैयार नहीं करवाया।जिससे यह साबित होता है कि आप सरकार को सिर्फ दिल्ली की जनता का वोटबैंक प्यारा है जमीनी हकीकत कुछ और ही है जिसको भाजपा सरकार ने पूरा किया|
बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा विकास के कामों को टालने की प्रथा को बंद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वंय इस मामले को प्राथमिकता देते हुए दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करवाने का काम किया। केजरीवाल काम करने की जगह भाजपा सरकार पर सवाल करते रहे, लेकिन जब मोदी जी की अगुवाई के बाद कच्ची कॉलोनियों को नियमित करने का कानून बना तो फिर से केजरीवाल ने ये सगुफा छेड़ा कि भाजपा सरकार इन कॉलोनियों के जमीनध्घरों का रजिस्ट्रेशन नहीं करवाएगी। अब अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले कई भाई-बहनों को कन्वेंस डीड व रजिस्ट्री के पेपर देने का भा काम शुरु हो चुका है और केजरीवाल अपने ही झूठ में खुद फंस गए। अब तक डीडीए की साइट पर 1400 से ज्यादा कॉलोनियों का ले आउट प्लान डाल दिया गया है और 1 लाख से भी ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। 40 साल के इंतजार के बाद अब उन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को सारी मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी। वहां विकास के कार्यों में सांसद का फंड भी लगेगा और सभी काम सूचारू रूप से किए जा रहे हैं। उन्होनें कहा कि अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले 40 लाख से भी ज्यादा लोगों की रजिस्ट्री भाजपा सरकार करवाएगी और अगर केजरीवाल में हिम्मत है तो वो इसे रोककर दिखाए। केजरीवाल सरकार के गैर-जिम्मेदाराना रवैये से अब दिल्ली के लोग भी त्रस्त हो चुके हैं जिसका जवाब दिल्ली की जनता चुनाव के दौरान देगी|