Thursday, September 19

इलाज के बिना मोटापा बन सकता है एनसीडी रोगों की मुख्य वजह

भारत दुनिया में तीसरा सबसे अधिक मोटी आबादी वाला देश है। बढ़ती आय और भागदौड़ भरी जीवन शैली के साथ तेजी से होता शहरीकरण मोटापे के बढ़ते स्तरों के लिए मुख्य कारक है और लोगों को जानकारी इसकी नहीं है और वहीं कुछ लोग नतीजे के बारे मेंअनजान हैं कि मोटापा गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के लिए जिम्मेदारहै। हैबिलाइट बरिए ट्रिक्स के संस्थापक, डॉ. कपिलअग्रवाल, वरिष्ठसलाहकार, बरिए ट्रिक एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन बताते हैं कि, भारत में मोटापे के रोगियों के साथ बड़ी समस्या यह है किवे अपनी बीमारी को एक रोग नहीं मानते है और इसके गंभीर परिणामों की अनदेखी करते हैं।
हमारे देश में 10 प्रतिशत आबादी सामान्य मोटापे और 5 प्रतिशत आबादी अत्यधिक मोटापे की शिकार है, जिसकी वजह से बड़ी आबादी नाॅन कम्यूनिकेबल डिजीज जैसे कि टाइप 2 डायबिटीज, हार्टडिसीज, लीवर रोग और कई प्रकार के कैंसर से पीड़ित है।
इसलिए मोटापे को नियंत्रित करने के लिए, उसकी रोकथाम की उपयुक्त योजना का निष्पादित बेहद आवश्यक है, ताकि वजन को पुनः बढ़ने से रोका जा सके और उसके उपचार में आने वाले खर्च को नियंत्रित किया जा सके। हमारा मानना है कि यदि हर कोई इलाज की आवश्यकता को कम करने के लिए रोकथाम में निवेश के मूल को समझजाए, तो मोटापे के बढ़ते बोझ से निपटा जा सकता है।

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