Friday, February 21

ग्रामीण क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया गया दशहरा का पर्व

रूड़की। दशहरे पर लोगों ने बुराई के प्रतीक रावण, कुंभकरण, मेघनाद के पुतले दहन के साथ सामाजिक बुराइयों को खत्म करने का संकल्प लिया। धार्मिक परम्पराओं के बीच शहर के विभिन्न दशहरा मैदानों समेत 10 पुतले दहन किए गए। रावण, मेघनाद व कुंभकरण के पुतलों का दहन होते ही दशहरा मैदान श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
आतिशबाजी, पटाखों की तेज आवाज के साथ रावण के पुतलों का दहन किया गया। रावण और उसके कुनबा दहन का नजारा देखने दशहरा मैदानों में भारी भीड़ उमड़ी। जनसैलाब को देखकर पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूले रहे। रावण दहन से पहले शहर में शोभायात्रा निकाली गई। नेहरू स्टेडियम में रामलीला समिति बीटी गंज, रामनगर में मूलराज कन्या इंटर कॉलेज के मैदान में श्री सनातन धर्म रामलीला कमेटी की ओर से रावण कुंभकरण मेघनाद के पुतले दहन किए गए। श्री राम लीला समिति बीटी गंज की ओर से दशहरे पर रावण, कुंभकरण, मेघनाथ के पुतलो के दहन से पूर्व श्री राम की आरती की गई। मुख्य यजमान शरद गुप्ता, विधायक प्रदीप बत्रा, सुरेश वर्मा राधिका टेक्सटाइल, राम अग्रवाल, गौरव गोयल, समिति अध्यक्ष सुबोध गुप्ता, उपाध्यक्ष नवनीत गर्ग, महामंत्री सौरभ सिंघल, संयोजक मनोज अग्रवाल, रजनीश गुप्ता, प्रबंधक राकेश गर्ग, कोषाध्यक्ष प्रदीप जैन, प्रदीप पारूथी, आशीष अग्रवाल, वरुण गोयल, नीरज सिंघल, सागर गोयल, विशाल गुप्ता, विशु सैनी, सागर सैनी, वरुण जैन, गौरव मेहंदीरत्ता, योगेश गर्ग, पंकज सिंघल, हर्षित गुप्ता, अभिषेक मित्तल, संजीव गोयल, संजय गुप्ता, चिराग अरोड़ा, दीपांकर गुप्ता, संदीप राणा मौजूद रहे। इस दौरान मैदान में राम, रावण संवाद के बाद भीषण युद्ध हुआ। युद्ध के मंचन के बाद पुतलों को अग्नि दी गई।
लोग परंपरा के मुताबिक जलते रावण की लकड़ियों को घर ले गए। श्री राम लीला समिति बीटी गंज रुड़की के तत्वाधान में गाजे, बाजे के साथ झांकियां निकाली गई। शहर की कालोनियों से हजारों लोग प्रमुख बाजारों में झांकियां देखने के लिए जमा हो गए। हजारों की तादाद में लोग दुकानों की छतों पर मौजूद थे। इस दौरान पुलिस व्यवस्था पूरी तरह चाक चैबंद रही।
रामनगर मूलराज कन्या इंटर कॉलेज मैदान में रावण दहन से पूर्व भगवान श्रीराम की शोभायात्रा वानर सेना के साथ मैदान में पहुंची जहां रावण सेना में राम सेना के बीच जमकर युद्ध हुआ। इस दौरान भारी भीड़ मौजूद रही। समिति अध्यक्ष जगदीश लाल मेहंदीरत्ता, धर्मपाल लखानी, सतीश कालरा, गुलशन अनेजा, संजय अरोड़ा, किशन लाल माटा, गुलशन बत्रा, सुरेंद्र कुमार अरोड़ा, रत्नाकर शर्मा, गुलशन अनेजा, मनमोहन शर्मा, केडी अरोड़ा, दीपक बतरा, सचिन तनेजा, सचिन माटा, पंकज सतीजा, दलीप कुमार दिप्पा, लीलाधर, जसबीर सिंह, किशोर गुलाटी, हैप्पी मेहंदीरत्ता ने व्यवस्थाएं संभाली।