Saturday, March 28

दिल्ली हाईकोर्ट में केजरीवाल-सिसोदिया के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका दायर

नई दिल्ली | दिल्ली हाईकोर्ट में दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के निर्वाचन को चुनौती देने वाली दो याचिकाएं दायर की गई हैं जिनमें आरोप लगाया गया है कि राजधानी में हाल में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में दोनों नेताओं ने चुनावी अभियान नियमों का उल्लंघन किया था।
जस्टिस वी.के. राव ने चुनाव में ‘आप’ नेता सिसोदिया से हारे एक उम्मीदवार की याचिका पर सिसोदिया, चुनाव आयोग की मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति (एमसीएमसी) और निर्वाचन अधिकारी को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है। वहीं, केजरीवाल से जुड़े मामले में जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने याचिकाकर्ता से कहा कि वे याचिका में टाइपिंग की त्रुटि सुधारें। इस मामले में अदालत ने कोई आदेश नहीं दिया।
याचिकाकर्ता प्रताप चंद्र ने आरोप लगाया है कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने नियमों का उल्लंघन करते हुए चुनाव के 48 घंटे पहले प्रचार किया। प्रताप चंद्र ने दोनों ‘आप’ नेताओं के खिलाफ चुनाव लड़ा था। याचिका में कहा गया कि जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा 126 के तहत मतदान दिवस के समापन से 48 घंटे पहले किसी भी रूप में प्रचार नहीं किया जा सकता है। बात दें कि 70 सीटों वाली दिल्ली विधानसभा में ‘आप’ ने 62 सीटों पर जीत हासिल की है। ‘आप’ ने 62 सीटों पर जीत हासिल की और उसकी वोट हिस्सेदारी 53.57 प्रतिशत रही। भाजपा ने आठ सीटों पर जीत हासिल की और उसे 38.51 प्रतिशत वोट मिले। वहीं, कांग्रेस का खाता नहीं खुला और उसकी वोट हिस्सेदारी 4.26 प्रतिशत रही। गौरतलब है कि 2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को कुल 67 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। वहीं भाजपा को तीन सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल सकी थी। इसके अलावा 2019 के लोकसभा चुनाव में में दिल्ली की सभी 7 लोकसभा सीटों पर भाजपा को जीत हासिल हुई थी।