Saturday, March 28

बुराड़ी के शक्ति एनक्लेव में एमसीडी का शक्ति प्रदर्शन क्षेत्र के लोग फिर से अपने घरों पर नगर निगम के तोड़ फोड़ से सहम

सुनील जायसवाल
नयी दिल्ली, एजेंसी। बुराड़ी के शक्ति एनक्लेव को एक समय में रहे सिविल लाइन जोन के तत्कालीन डी सी ने ग्रेटर नोएडा से तुलना किया था। ये लाल डोरा है,यहाँ पर आस पास के लोगो को सस्ते घर का अच्छा विकल्प मिला हुआ है।
इन दिनों इस क्षेत्र के लोग फिर से अपने घरों पर नगर निगम के तोड़ फोड़ से सहमे हुए है। यहाँ रहने वाले ज्यादतर लोग सरकारी और प्राइवेट नौकरियों से जुड़े हुए है। कई लोग इस तोड़ फोड़ के कारण अपने ऑफिस भी नही जा पा रहे है।
हाल ही में नौकरशाही और जनप्रतिधि के बीच मामूली विवाद की वजह से इस क्षेत्र में मोनेटरिंग कमिटी ने नगर निगम को आदेश दे कर व्यापक तोड़ फोड़ करवाया था। अब फिर से तोड़ फोड़ का तलवार शक्ति एनक्लेव के भवनों पर लटका हुआ है।
गौरतलब है कि तकरीबन इकतीस भवनों को हाइकोर्ट ने अवैध बता कर निगम को तोड़ने का आदेश दिया हुआ है।जिन भवनों को तोड़ने का आदेश कोर्ट ने दिया है। उन सभी भवनों में लम्बे अरसे से लोग रह रहे है। उन घरों में बिजली कनेक्शन , जल बोर्ड का कनेक्शन, और बैंक लोन भी है। इन सभी मामलों में सबसे बड़ी बात यह है,की जिन घरों पर सरकार के अधीन सरकारी संस्थाएं, बिजली बोर्ड, जल बोर्ड और बैंक ने लोन दे दिया है । वो अवैध कैसे?। जिन भवनों पर नगर निगम लगातार कार्रवाई कर रहा है। उनमे में से कई भवनों का जिक्र कोर्ट के आदेश में नही है । फिर भी नगर निगम के अराजक जे ई ने तोड़ फोड़ मचाया हुआ है।घर बना कर बेचने वाले रोजगार से जुड़े लोग इन दिनों दोतरफा मार झेल रहे है।पहले तो एन जी टी के प्रतिबंध के वजह से सारे प्रोजेक्ट लेट लतीफ हो गए है। वही दूसरी ओर जिन भवनों में लोग सालो से रह रहे है ,उन पर तोड़ फोड़ का डर।
इन सभी मामलों में जनप्रतिनिधियो की उदासीनता भी समझ से परे है। इस तरह से घरो का टूटना, जनप्रतिनिधियों के लिए भारी साबित होने वाला है।जब तक स्थानीय निगमपार्षद, स्थानीय विधायक और क्षेत्र के सांसद इस मामले से दो चार नही होंगे, तब तक शक्ति एन्क्लेव में नगर निगम का शक्ति प्रदर्शन जारी रहेगा।