Wednesday, January 29

राहुल के साथ सलामी बल्लेबाजी की दौड़ में धवन पर दबाव बढ़ा

इंदौर, (भाषा)। पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ने के बाद शिखर धवन को सलामी बल्लेबाज की दौड़ में लोकेश राहुल को पछाड़ने के लिए एक मैच कम मिलेगा और मंगलवार को यहां श्रीलंका के खिलाफ होने वाले भारत के दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में वह फार्म में चल रहे अपने इस साथी से बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से उतरेंगे। सीमित ओवरों के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले धवन 34 बरस के हो गए हैं जबकि राहुल अभी सिर्फ 27 बरस के हैं जिससे इस साल होने वाले टी20 विश्व कप में अपनी जगह पक्की करने के लिए दिल्ली के धवन के पास अधिक समय नहीं है।
बायें हाथ के बल्लेबाज धवन का स्ट्राइक रेट पिछले कुछ समय में सीमित ओवरों के क्रिकेट में चिंता का विषय रहा है और श्रीलंका के खिलाफ बाकी बचे दोनों मैचों में उन्हें इसमें सुधार करना होगा। धवन 2019 में चोटों से काफी परेशान रहे और एक बार फिर वापसी करते हुए उनकी राह चुनौतीपूर्ण होगी। पिछले साल धवन ने 12 मैचों में 110 के स्ट्राइक रेट से 272 रन बनाए। दूसरी तरफ राहुल ने मौकों का पूरा फायदा उठाया और वेस्ट इंडीज के खिलाफ सीमित ओवरों की पिछली श्रृंखला (तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय और तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय) की छह पारियों में एक शतक और तीन अर्धशतक जड़े। कप्तान विराट कोहली भी कह चुके हैं कि श्रीलंका के खिलाफ श्रृंखला से आराम मिलने के बाद रोहित शर्मा जब पारी का आगाज करने के लिए वापसी करेंगे तो धवन और राहुल के बीच से किसी एक का चयन करना आसान नहीं होगा।
गुवाहाटी में पहले मैच में एक भी गेंद नहीं फेंके जाने के बाद कोहली के शुरुआती टी20 मैच की अंतिम एकादश में बदलाव की संभावना नहीं है जिसके लिए उन्होंने तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों और दो स्पिनरों को चुना था। वाशिंगटन सुंदर और कुलदीप यादव को टीम में जगह मिली थी जबकि युजवेंद्र चहल और रविंद्र जडेजा अंतिम एकादश में जगह बनाने में नाकाम रहे थे। श्रीलंका की टीम में बायें हाथ के बल्लेबाजों की अधिक संख्या को देखते हुए यह फैसला किया गया था।
मनीष पांडे और संजू सैमसन को पहले मैच की अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली थी और इन दोनों के एक बार फिर बाहर बैठने की उम्मीद है।

अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 विश्व कप से पूर्व भारतीय टीम खिलाड़ियों के साथ प्रयोग कर रही है लेकिन टीम प्रबंधन ने अब तक पांडे और सैमसन को मौका नहीं दिया है। चोट के कारण चार महीने बाद स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की वापसी का सभी को बेसब्री से इंतजार था लेकिन बारिश और फिर मैदान गीला होने के कारण गुवाहाटी में मैच नहीं हो सका। मंगलवार को बुमराह को इंदौर में मौका मिलना लगभग तय है जहां साफ मौसम की भविष्यवाणी की गई है। होलकर स्टेडियम में अब तक सिर्फ एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला गया है और तब भी भारत ने श्रीलंका की मेजबानी की थी।

दिसंबर 2017 में बड़े स्कोर वाले इस मैच में रोहित ने 43 गेंद में 118 जबकि राहुल ने 49 गेंद में 89 रन बनाए थे जिससे भारत ने 20 ओवर में पांच विकेट पर 260 रन का स्कोर खड़ा किया और फिर 88 रन से मैच जीता।

कप्तान लसिथ मलिंगा के साथ टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक आलराउंडर एंजेलो मैथ्यूज को गुवाहाटी में अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली थी क्योंकि मेहमान टीम ने भी तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों और दो स्पिनरों के साथ उतरने का फैसला किया था। अब यह देखना होगा कि मंगलवार को मैथ्यूज को मौका मिलता है या नहीं।

भारत के खिलाफ 10 साल से अधिक समय से किसी भी प्रारूप में द्विपक्षीय श्रृंखला जीतने में नाकाम रहे श्रीलंका को मेजबान टीम को हारने के लिए विशेष प्रदर्शन करना होगा।