Wednesday, January 29

सलामी जोड़ी की गुत्थी सुलझी, आस्ट्रेलिया की मजबूत टीम से भिड़ने को तैयार भारत

मुंबई, भाषा। भारत की सलामी जोड़ी की पहेली का हल निकालने के लिए कप्तान विराट कोहली के आगे आने के बाद टीम इंडिया मंगलवार से यहां आस्ट्रेलिया की मजबूत टीम के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में घरेलू सरजमीं पर अपना शानदार रिकार्ड बरकरार रखने उतरेगी। कोहली ने कहा कि उन्हें बल्लेबाजी क्रम में नीचे आने में कोई हिचक नहीं है जिससे कि बेहतरीन फार्म में चल रहे लोकेश राहुल और अनुभवी शिखर धवन दोनों को अंतिम एकादश में जगह मिल सके। उन्होंने कहा, ‘‘हां, इसकी संभावना है। ऐसा करने में मुझे बेहद खुशी होगी। मैंने किसी क्रम को अपने लिए तय नहीं किया है। मैं कहां बल्लेबाजी करूं, इसे लेकर मैं असुरक्षित नहीं हूं।’’ आस्ट्रेलिया और भारत के बीच होने वाली इस द्विपक्षीय श्रृंखला में निजी प्रतिद्वंद्विताएं भी देखने को मिलेगी जिसमें रोहित शर्मा बनाम डेविड वार्नर तथा कोहली बनाम स्टीव स्मिथ की जंग रोमांचक होगी।
जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और नवदीप सैनी की मौजूदगी वाला भारत का तेज गेंदबाजी आक्रमण आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की परीक्षा लेने को तैयार है। दूसरी तरफ आस्ट्रेलिया के पास आईपीएल के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी पैट कमिंस, केन रिचर्डसन और अनुभवी मिशेल स्टार्क जैसे तेज गेंदबाज हैं जो कोहली और उनकी टीम को परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। एलेक्स कैरी की आक्रामक बल्लेबाज और शानदार विकेटकीपिंग को भारत के ऋषभ पंत से चुनौती मिलेगी। टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में छाप छोड़ने वाले आस्ट्रेलिया के युवा बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन अपनी बेहतरीन फार्म को छोटे प्रारूप में भी दोहराना चाहेंगे। अगर मौजूदा फार्म को मानक माना जाता है तो राहुल इस दौड़ में धवन को पीछे छोड़ देंगे लेकिन आस्ट्रेलिया के खिलाफ सीमित ओवरों के क्रिकेट में धवन का रिकार्ड शानदार है। दोनों टीमों के बीच एकदिवसीय विश्व कप में पिछले मुकाबले के दौरान धवन ने शतक जड़कर भारत की आसान जीत की नींव रखी थी। हालांकि इस मुकाबले को सात से अधिक महीने बीत चुके हैं और तब से धवन चोटों से परेशान रहे हैं। धवन इस दौरान खराब फार्म से भी जूझते रहे लेकिन श्रीलंका के खिलाफ पिछले टी20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने अर्धशतक जड़ा। विश्व कप के दौरान धवन की मौजूदगी में राहुल कामचलाऊ हल के तौर पर चौथे नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन इस क्रम पर श्रेयस अय्यर के उम्दा प्रदर्शन से वानखेड़े स्टेडियम में धवन या राहुल में से एक को ही अंतिम एकादश में जगह मिलेगी। वानखेड़े स्टेडियम की पिच आम तौर पर बल्लेबाजों के अनुकूल होती है और भारत पिछले साल मार्च में घरेलू श्रृंखला में आस्ट्रेलिया के खिलाफ 2-3 की शिकस्त से सबक लेते हुए निश्चित तौर पर दो कलाई के स्पिनरों के साथ नहीं उतरेगा। आस्ट्रेलिया के खिलाफ हैट्रिक लेने वाले कुलदीप यादव को युजवेंद्र चहल पर तरजीह दी जा सकती है। पूरी संभावना है कि अगर केदार जाधव कुछ विशेष नहीं करते हैं जो यह उनकी आखिरी एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला होगी।
चर्चा है कि अपने आईपीएल करियर को बढ़ाने के लिए जाधव आफ स्पिन गेंदबाजी करने से हिचक रहे हैं और अगर 19 जनवरी को न्यूजीलैंड दौरे के लिए घोषित होने वाले एकदिवसीय टीम से अगर उन्हें अजिंक्य रहाणे और सूर्यकुमार यादव की दावेदारी को पछाड़ना है तो कुछ अच्छी पारियां खेलनी होंगी।