Wednesday, April 1

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मोदी-शाह को फेल करते छुटभैये अधिकारी

मोदी-शाह को फेल करते छुटभैये अधिकारी

Delhi, National
आर.के. सिन्हा जब सारी दुनिया कोरोना वायरस से थर्र-थर्र कांप रही है, तब हमारे सामने एक अन्य बेहद विषम परिस्थिति अचानक उत्पन्न हो गई है। इसके कारण कोरोना के खिलाफ लड़ी जा रही जंग भी अचानक से कमजोर पड़ती नजर आ रही है। दरअसल देश में लॉकडाउन की घोषणा होने के दूसरे दिन से ही राजधानी दिल्ली समेत देशभर के एनी राज्यों से प्रवासी मजदूर अपने गांवों की तरफ जाने की तरफ पलायन करने लगे हैं। चौबीस घंटों में ऐसा क्या हो गया कि लाखों मजदूर और उनके परिवार एकदम से भयाक्रांत हो उठे । यह अफवाह कैसे फैली कि अब उनका काम हुआ ख़त्म । तुरंत गाँव जाकर ही किसी तरह अपने और अपने परिवार का पेट पालना होगा । सबसे ज्यादा विकट स्थिति देश की राजधानी दिल्ली की है। धौला कुंआ और आनंद विहार के रास्ते हजारों प्रवासी श्रमिक अपने गांवों की तरफ जुलूस शक्ल में पैदल ही चले ही जा रहे हैं। यह परिस्थिति एकाएक क्यों उत्पन्न हो गई । फि
स्थानीय मांग को पूरा करने के लिए मदर डेयरी ने 250 टन फल सब्जी की आपूर्ति की

स्थानीय मांग को पूरा करने के लिए मदर डेयरी ने 250 टन फल सब्जी की आपूर्ति की

Delhi, National
नयी दिल्ली, (भाषा) मदर डेयरी ने सोमवार को दिल्ली-एनसीआर की स्थानीय मांग को पूरा करने के लिए इस क्षेत्र में स्थित में स्थित अपने खुदरा बिक्री केन्द्र 'सफल' के माध्यम से बिक्री करने के लिए 250 टन फलों एवं सब्जियों की आपूर्ति की है। दिल्ली-एनसीआर में घबराहट में की जाने वाली खरीद का काम बंद हो गया है। सरकार के द्वारा 21 दिनों की रोक की घोषणा के बाद जरुरी उपयोग वाले घरेलू मदर डेयरी ने लगभग 250 टन फलों और सब्जियों की आपूर्ति की। स्थानीय मांग को पूरा करें, जो अब ग्राहकों से बिना किसी घबराहट के खरीद के साथ स्थिर हो गई है। पिछले सप्ताह, मदर डेयरी ने दिल्ली-एनसीआर में फलों और सब्जियों की आपूर्ति को दोगुना बढ़ाकर प्रति दिन 300 टन से अधिक कर दिया था, क्योंकि ग्राहकों ने 21 दिन की देशव्यापी रोक की घोषणा के बाद घरेलू आवश्यक वस्तुओं की अफरा तफरी में खरीद ज्यादा शुरू कर दी थी। मदर डेयरी, जो राष्ट्रीय रा
न्यायालय ने कामगारों के पलायन रोकने के उपायों के बारे में केन्द्र से रिपोर्ट मांगी

न्यायालय ने कामगारों के पलायन रोकने के उपायों के बारे में केन्द्र से रिपोर्ट मांगी

Delhi, National
नयी दिल्ली, (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने कोरोनावायरस महामारी के प्रकोप से उत्पन्न दहशत और लॉकडाउन की वजह से बड़ी संख्या में कामगारों के शहरों से अपने पैतृक गांवों की ओर पलायन की स्थिति से निबटने के उपायों पर सोमवार को केन्द्र से स्थिति रिपोर्ट मांगी। शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की कि दहशत और भय की वजह से बहुत संख्या में कामगारों का पलायन कोरोनावायरस से कहीं ज्यादा बड़ी समस्या बन रहा है। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ ने इस मामले की वीडियो कांफ्रेन्सिग के माध्यम से सुनवाई के दौरान कहा कि वह इस स्थिति से निबटने के लिये सरकार द्वारा उठाये जा रहे कदमों के बीच कोई निर्देश देकर भ्रम पैदा नहीं करना चाहती। पीठ ने कामगारों के पलायन से उत्पन्न स्थिति को लेकर जनहित याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता अलख आलोक श्रीवास्तव और रश्मि बंसल से कहा कि इस मामले में वह केन्द्र की स्थि
भारत में अभी सामुदायिक संक्रमण की स्थिति नहीं : सरकार

भारत में अभी सामुदायिक संक्रमण की स्थिति नहीं : सरकार

Delhi, National
नयी दिल्ली, (भाषा) स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में कोरोना के संक्रमण की दर विकसित देशों की तुलना में कम होने की जानकारी देते हुये कहा है कि भारत में अभी इस वायरस के संक्रमण का दूसरा दौर ही चल रहा है, यह अभी सामुदायिक संक्रमण के तीसरे चरण में नहीं पहुंचा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि भारत में संक्रमित मरीजों की संख्या 100 से 1000 तक पहुंचने में 12 दिन लगे, जबकि इस संकट से जूझ रहे विकसित देशों में इस अवधि में मरीजों की संख्या 3,500 से 8,000 थी। उन्होंने बताया कि देश में अब तक कोरोना के संक्रमण के 1071 मामलों में पुष्टि की जा चुकी है और संक्रमण से मरने वालों की संख्या 29 हो गयी है। अग्रवाल ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे देश में कोरोना के संक्रमण के 92 नये मामले सामने आये हैं। इस अवधि में चार मरीजों की मौत हुयी है, जबकि

प्रेम के कैनवास पर बिखरे रंग: डॉ अनुराधा चंदेल ‘ओस’

National
प्रेम के कैनवस पर अनेक रंग बिखरे पड़े हैं। आतुर मन को उन्हें समेटने की जल्दी पड़ी है। जंगल मे जोगी की सारंगी की टीस प्रेम की टीस को और बढ़ाती है। प्रेम और बसंत ऋतु का परस्पर गहरा सम्बन्ध है । बसंत ऋतु में प्रेम की आतुरता और बढ़ जाती है। बसंत आते ही सम्पूर्ण धरती प्रेम के रंग में रंग जाती है,और धरा धानी चूनर पहन इठलाती है। कालिदास की लिखी रचना देखें..... मधुद्विरेफ़ कुसुमैकपात्रे पपौ प्रियां स्वां अनुवर्तमान शृंगेड च स्पर्शनि मिलितक्षीण मृगीं अकंडूमत कृष्णसार । 'कुसुम के एक पात्र से मधु पीता भ्रमर प्रिया के पीछे मंडराता स्पर्श सुख में आँखे मूँद खड़ी मृगी के सींग लगा कृष्णसार मृग' । ददौ रसातपडकजरेनुगन्धि गजाय गंडू षजल करेणु: अधोर्पभुक्तेन बिसेनजया सम्भाव्यमास रथाडगनामा। 'कमल के पराग से सुरभित जल हथिनी अपनी सूंड में भरकर अपने प्रिय गज को पिलाने लगी,अधखाई कमल की नाल के टुकड़े से लगा रिझा

गुण-धर्म के आधार पर ग्रहों को अंकों का आधिपत्य

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अंक ज्योतिष का आधार मुख्य रूप से 1 से लेकर 9 तक अंक हैं।जिस प्रकार से वैदिक ज्योतिष में 12 राशियां 27 नक्षत्र और नौ ग्रहों का अत्यंत ही महत्व है उसके प्रकार से अंक ज्योतिष में 1 से लोग लेकर 9 तक के अंको का महत्व है प्रत्येक अंक किसी न किसी ग्रह से संबंधित है। लेकिन इसके साथ-साथ जीरो का अंक भी अत्यंत महत्वपूर्ण है यद्यपि जीरो की कीमत कुछ नहीं रखी गई लेकिन फिर भी जीरो जिस ग्रह के जिस अंक के आगे लग जाता है उसकी वैल्यू उसकी कीमत 10 गुना बढ़ा देता है इसलिए आज हम इस पहली क्लास में सबसे पहले बात करेंगे जीरो पर कि जीरो क्या है । शून्य (0) निराकार ब्रह्म अंक या संख्या का शब्द एवं क्रिया से घनिष्ठ संबंध है |0 अर्थात शून्य निराकार ब्रह्म या अनंत का प्रतीक है शून्य से सृष्टि की उत्पत्ति हुई है एवं शून्य में ही सब कुछ विलीन हो जाता है यह शून्य सूक्ष्म से भी सूक्ष्मतर एवं वृहद से वृहदकर है। हम

बांग्लादेशी छात्रा को ‘सरकार विरोधी गतिविधियों’ के लिए भारत छोड़ने को कहा

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कोलकाता, (भाषा)। गृह मंत्रालय ने विश्व भारती विश्वविद्यालय की एक बांग्लादेशी छात्रा को ‘‘सरकार विरोधी गतिविधियों’’ में बार-बार शामिल होने के लिए देश छोड़कर जाने को कहा है। केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्नातक की छात्रा अफसरा अनिका मीम को गृह मंत्रालय के तहत आने वाले विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय, कोलकाता ने ‘भारत छोड़ो नोटिस’ दिया है। नोटिस में कहा गया है कि मीम ने वीजा उल्लंघन भी किया। इसमें कहा गया है, ‘‘वह सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल पाई गई और ऐसी गतिविधि उसके वीजा का उल्लंघन है। विदेशी नागरिक भारत में नहीं रह सकती, उन्हें इस आदेश की प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर भारत छोड़ना होगा।’’ इसमें मीम को नोटिस मिलने की तारीख के 15 दिनों के भीतर भारत छोड़ने के लिए कहा गया है। नोटिस में यह नहीं बताया गया कि वह किस तरह की गतिविधियों में शामिल रही। बांग्लादेश के कुश्तिया जिले की रहने वाली महिल
सीएम गहलोत ने कोटा में 24 मृतकों को दी श्रद्धांजलि

सीएम गहलोत ने कोटा में 24 मृतकों को दी श्रद्धांजलि

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राजेन्द्र सुमन, ब्यूरोचीफ कोटा। सीएडी ग्राउंड में मृतकों को श्रंद्धाजलि देने के लिए गुरुवार को शोक सभा रखी गई है जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व यूडीएच मंत्री शांति कुमार धारीवाल मृतकों को श्रंद्धाजलि देने के लिए शाम 4 बजे कोटा में पहुँचेंगे। वही मुख्यमंत्री गहलोत ने घटना पर दुःख जताते हुए कहा कि खबर सुनकर मन बहूत दुःखी है। मेरी हार्दिक संवेदनाएं पीड़ित परिजनों के साथ है। मुख्यमंत्री सहायता कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रु. ओर घायलों को 40-40 हजार रूपये की आर्थिक मदद की घोषणा की है। कल बुधवार को कोटा से माधोपुर बहन को भात पहराने के लिए जा रही बस मेज नदी में गिर गई थी जिसमे कोटा के 19 लोगों सहित 24 यात्रियों की मौत हो गई थी। 24 लोगों की मौत का कारण बनी बस को क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया है। बस का फिटनेस प्रमाण पत्र नही था।

आखिर न्यूज चैनल क्यों दिखाते हैं नेताओं के भड़काऊ बयान-भाषण?

Delhi, National
नेशनल एक्सप्रेस ब्यूरो नई दिल्ली। 26 फरवरी को भी न्यूज चैनलों पर नेताओं के भड़काऊ बयान और भाषण प्रसारित होते रहे। वहीं कफ्र्यू के बाद भी दिल्ली में हिंसा का दौर जारी रहा। लापता आईबी अधिकारी अंकित शर्मा का शव भी मिल गया है। हिंसा में अब तक 20 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। देश की राजधानी के हालात कैसे हैं, यह किसी से छिपा नहीं है। सोशल मीडिया पर साम्प्रदायिकता फैलाने की पोस्ट नहीं डालने की अपील की जाती है, लेकिन न्यूज चैनलों पर नेताओं के भड़काऊ भाषण और बयान पर रोक नहीं लगाई जाती। ऐसे नेता खुलेआम एक दूसरे समुदाय के विरुद्ध गैर जरूरी टिप्पणियां करते हैं। नेताओं के बयान न केवल जहरीले होते हैं, बल्कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले भी होते हैं। राजनेता तो वोटों के खातिर कुछ भी बोल सकते हैं, लेकिन न्यूज चैनलों की भी तो कोई जिम्मेदारी होगी? जब भड़काऊ पोस्ट सोशल मीडिया पर डालना अपराध

पास होगी दिल्ली, बचेगा समय और घटेगा प्रदूषण बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे परियोजना से आच्छादित क्षेत्र के विकास को लगेंगे पंख

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गिरीश पांडेय बुंदेलखंड। अब बुंदेलखंड के विकास को नया आयाम मिलेगा। डिफेंस कॉरीडोर और बुुंदेलखंड एक्सप्रेस वे इसका जरिया बनेगा। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे चित्रकूट के भरतकूप के पास से शुरू होकर बांदा, हमीरपुर, महोबा और औरैया होते हुए इटावा के कुदरैल गांव के पास यमुना एक्सप्रेस वे से मिल जाएगी। इससे बुंदेलखंड से देश की राजधानी दिल्ली तक आने-जाने में समय और संसाधनों की बचत होगी। डीजल और पेट्रोल की खपत घटने से प्रदूषण भी घटेगा। भूमि काम शुरू होने के लिए 80 फीसद भूमि अधिग्रहण जरूरी होता है। अब तक 92 फीसद से अधिक भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। ‘सबका साथ-सबका विकास’ और भरोसे की मिसाल बनेगा बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे बुंदेलखंड का शुमार प्रदेश के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में होता है। नीति आयोग ने कायाकल्प के लिए प्रदेश के जिन आठ जिलों को चुना है उनमें चित्रकूट भी एक है। संयोग से चित्रकूट से ही इसकी शुरुआत