Home Bihar जमुई में नक्सली खौफ पर वोट की चोट।

जमुई में नक्सली खौफ पर वोट की चोट।

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नेशनल एक्सप्रेस ब्यूरो,जमुई:अतिउग्रवाद प्रभावित जमुई जिले के बरहट प्रखंड में नक्सल प्रभावित गुरमाहा,चोरमारा,सुंदरीटांड समेत अन्य टोले के मतदाताओं ने लंबी यात्रा कर बरहट स्थित कोयबा पहुंच कर अपने मताधिकार का उपयोग किया।लगभग 18 से 20 किलोमीटर के सफर में पथरीली रास्ते में पहाड़, नदी-नाले को पार कर मतदान करने वाले ग्रामीण मतदाताओं की इस बुलंद पहल व जागरूकता को नक्सली खौफ पर वोट की चोट भी कही जा सकती है।बताते चलें कि भौगोलिक चुनौतियों को दरकिनार करते हुए मतदाताओं ने लोकतंत्र के महापर्व पर आस्था की मोहर लगा दी।अब बारी जनप्रतिनिधि व सरकार की है।उल्लेखनीय हैं कि बरहट प्रखंड के जंगली क्षेत्र में स्थित गुरमारा,चोरमारा,सुंदरीटांड गांव नक्सल प्रभावित है।जहां घने जंगल व पहाड़ का फायदा नक्सली उठाते आए हैं।सुरक्षा बल और पुलिस के लिए भी इस क्षेत्र में तुरंत पहुंचना बहुत बड़ी चुनौती है। पुलिस पूरी तरह व्यवस्थित होकर ही इस इलाके में प्रवेश करती है।गौरतलब है कि चुनाव के कुछ दिन पूर्व ही सर्च अभियान में चुनाव बहिष्कार के बैनर सहित अन्य सामग्री सुरक्षा बल ने बरामद किया था।अब इस इलाके के मतदाताओं के जोश व उत्साह ने उम्मीद की नई किरण दिखा दी है। बरहट के कोयबा स्थित बूथ संख्या 160 गुरमारा में कुल 927 मतदाताओं में 5 बजकर 17 मिनट तक मतदान प्रक्रिया जारी थी। मतदाता कतार में लगे थे।इस बूथ तक पहुंचने के लिए कई मतदाताओं ने ट्रैक्टर से पहाड़ी नदी और नाला पार किया तो कई पैदल ही पहुंचे। सुबह मतदान शुरू होने के बाद दिन के 11 बजे तक इस बूथ पर महज पांच वोट पड़ा था।ये वोट कोयबा में रहने वालों ने डाली थी।बूथ पर खामोशी पसरी थी।दिन के साढ़े 12 बजे के बाद जंगली क्षेत्र से मतदाताओं का जत्था निकला और बूथ पर लंबी कतार लग गई।इन लोगों ने बताया कि गांव में जाने के लिए पैदल के अलावा और कोई साधन नहीं है।सूर्योदय से पहले अपने-अपने घर से निकले हैं तब जाकर इस समय बूथ पर पहुंच सके हैं। इन्होंने कहा कि हमने वोट दिया है अब बारी सरकार की।जंगली क्षेत्र में अवस्थित इन सभी गांवों में अभी तक विकास की किरण नहीं पहुंच सकी है।बिजली,पानी,सड़क व स्वास्थ्य सेवा नहीं पहुंच सकी है।