Home Bihar बिहार:सिकंदरा में कांग्रेस विधायक की जमीन खिसकी!क्षेत्रीय मतदाताओं में भारी नाराजगी व्याप्त।

बिहार:सिकंदरा में कांग्रेस विधायक की जमीन खिसकी!क्षेत्रीय मतदाताओं में भारी नाराजगी व्याप्त।

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सांकेतिक चिन्ह

नेशनल एक्सप्रेस ब्यूरो,जमुई:विधानसभा 2020 चुनाव की तिथि चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित कर दी गई हैं।सभी दलों के प्रत्याशियों द्वारा टिकट पाने की अपनी-अपनी जुगत भिड़ाई जा रही हैं।पटना से लेकर नई दिल्ली तक में ऐसे प्रत्याशी पार्टी के आलाकमान के इर्दगिर्द डेरा जमाए हुए नजर आ रहे हैं।वही चुनावी दौर में सिकंदरा(सु.)विधानसभा क्षेत्र में निवर्तमान कांग्रेस विधायक सुधीर कुमार चौधरी उर्फ बंटी चौधरी के विरुद्ध क्षेत्रीय मतदाताओं में अच्छी खासी नाराजगी देखने को मिल रही हैं।त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों ने भी उक्त विधायक के विरुद्ध चौक-चौराहे पर बगावती तेवर दिखाना शुरू कर दिया है।गौरतलब है कि जमुई जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों में 3 विधानसभा सीट पर फिलवक्त में महागठबंधन का कब्जा है।जिसमें सबसे अधिक विरोधावास सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र में दृष्टिगोचर हो रहा है।ऐसा लगता है कि उक्त विधानसभा क्षेत्र के अलीगंज,सिकंदरा,खैरा प्रखंड के अधिकांश मुखिया,सरपंच,पंचायत समिति सदस्य,बुद्धिजीवी व युवा वर्ग ने निवर्तमान विधायक को चुनाव में सबक सिखाने का मूड बना लिया है!एक सर्वेक्षण में यह पाया गया है कि यहां के मतदाताओं में महागठबंधन से कोई खास नाराजगी नहीं है बल्कि निवर्तमान विधायक के पांच साल के क्रियाकलापों से बेहद नाराजगी व्याप्त है।वही दूसरी ओर यह भी देखा जा रहा है कि जिला कांग्रेस कमिटी के पदाधिकारियों में भी उक्त विधायक के प्रति कमोबेश आमजनों की तरह ही नाराजगी देखने को मिल रही हैं।बुजुर्ग व युवा कांग्रेसियों का मानना है कि यदि कांग्रेस पार्टी के हाई कमान ने मौजूदा हालात को मद्देनजर रखते हुए प्रत्याशी के चयन करने में सूझबूझ से निर्णय नहीं लिया तो महागठबंधन में कांग्रेस पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में धीरे से जोर का झटका लग सकता हैं!यूं तो जमुई जिले में कांग्रेस पार्टी के राज्य प्रतिनिधि सुधीर प्रसाद सिंह के कुशल नेतृत्व में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने में कोरोना काल के वक्त से ही धर्मेन्द्र पासवान उर्फ गुरु जी की अगुवाई में सामाजिक कार्य किये जाने से आमजनों में अच्छी पैठ बनी नजर आ रही हैं।सुख-दुख के सभी क्षणों में धर्मेन्द्र पासवान उर्फ गुरु जी ने क्षेत्रीय मतदाताओं के बीच अपनी मृदभाषी छवि के कारण जनाधार को कांग्रेस पार्टी के प्रति काफी मजबूत स्थिति में लाने में अहम भूमिका का निर्वहन पार्टी के सच्चे सिपाही के रूप में निःस्वार्थ भाव से किया है।भले ही उक्त कांग्रेसी नेता की पहचान पार्टी के आलाकमान के बीच दबंगों की तरह नहीं रही हो,लेकिन क्षेत्रीय मतदाताओं में निवर्तमान विधायक की तुलना में धर्मेन्द्र पासवान का पलड़ा भारी नजर आने लगा है।वैसे तो प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 28 अक्टूबर को मतदाता ईवीएम के बटन को दबाकर अपने निर्णय का इजहार करेंगे,जो भविष्य के गर्भ में छुपा है।लेकिन मौजूदा हालात में सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशी बदलने की मांग सार्वजनिक रूप से उजागर हो चुकी हैं।