Home Mathura 51 गांवों को पराली निस्तारण के लिए मिलेंगे 2.5 करोड

51 गांवों को पराली निस्तारण के लिए मिलेंगे 2.5 करोड

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मथुरा। सर्वाधिक पारली जलाने वाले संभावित 51 गांवों को इस बार 2.5 करोड रूपये पराली निस्तारण के लिए मिलेंगे। यह धनराशि ग्राम प्रधानों के पास पहुंचेगी जिसे वह अपने हिसाब से उपयोग करेंगे। ग्राम प्रधानों को भी इस बार पराली जलने पर जिम्मेदार बनाया गया है। पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ सख्त कार्रवाही के निर्देश दिये गये हैं। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने पराली पर सख्त रूख अपनाते हुए निर्देश दिये कि किसी भी क्षेत्र में पराली जलाये जाने के समाचार मिलने पर मुकद्मा दर्ज कराया जायेगा। उन्होंने सभी हार्बेस्टरध् कटाई मशीन द्वारा धान की जो फसल काटी जायेगी उसे रोटाबेटर मशीन के माध्यम से पराली को खेत में ही मिला दिया जाये। उन्होंने कहा कि जो हार्बेस्टर मालिक पराली को खेत में जलायेंगेे उनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। श्री मिश्र ने कहा कि जो किसान पराली को खेत में नहीं जुतवायेंगे वह अपनी पराली को गौशाला में भिजवायेंगे। उन्होंने निर्देश दिये कि खेतों में कटाई मशीन चलने पर कृषि विभाग का एक कर्मचारी तथा लेखपाल मौजूद रहेंगे। वह यह सुनिश्चित करेंगे कि कटाई के पश्चात पराली को खेत में जोत दिया गया है या गौशाला में भेज दिया गया है। डीएम ने निर्देश दिये कि पराली रोकने के लिए सचल दस्ते बनाये जायें, जो कटाई के समय निरतंर क्षेत्रों भ्रमणशील रहें। अगर किसी खेत में पराली जलती हुई पायी जाये तो, उसके विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष ध्यान रखा जाये। जिलाधिकारी को बताया गया कि माता जी गौशाला के प्रबंधक ने भारी मात्रा में पराली लेने के लिए स्वीकृति प्रदान की है। श्री मिश्र ने निर्देश दिये कि जिला कृषि अधिकारी प्रधानों के साथ बैठक कर अवगत करायें कि पराली जलने पर ग्राम प्रधानों के विरूद्ध भी कार्यवाही की जायेगी। बैठक में उप जिलाधिकारी छाता हनुमान प्रसाद ने बताया कि गत वर्ष पराली जलाने पर 11 लाख रूपये का जुर्माना किया, जिसमें से 7 लाख रूपये वसूल किये जा चुके हैं।