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श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिये 61.19 लाख यात्रियों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाया गया. जोखिम उठाने से बच नहीं रहे हैं बैंक, सतर्कता बरत रहे. सीएसडी के कर्मचारी कैंटीन सुविधाओं का लाभ उठाने के हकदार हैं : सरकार

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नयी दिल्ली, (भाषा) सरकार ने सोमवार को बताया कि एक मई से 31 अगस्त 2020 तक चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिये 61.19 लाख यात्रियों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाया गया । लोकसभा में तेजस्वी सूर्या, अजय मिश्र टेनी, प्रताप सिम्हा, रीती पाठक और अपराजिता सारंगी के प्रश्नों के लिखित उत्तर में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने यह जानकारी दी । पीयूष गोयल ने कहा, ‘‘ कोविड-19 वैश्विक महामारी को फैलने से रोकने के लिये 23 मार्च से भारतीय रेलवे ने सभी यात्री गाड़ियां रद्द कर दी थीं। बहरहाल, फंसे हुए व्यक्तियों की आवाजाही की तात्कालिक आवश्यकता को देखते हुए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को मिशन मोड में चलाया गया था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ एक मई से 31 अगस्त 2020 तक चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिये 61.19 लाख यात्रियों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाया गया।’’ रेल मंत्री ने कहा कि एक मई से 31 अगस्त 2020 तक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलाने के लिये राज्य सरकारों और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों से लगभग 433 करोड़ रूपये किराया वसूल किया गया। उन्होंने कहा कि रेलवे ने श्रमिक स्पेशल गाड़ियां चलाने पर किये गए खर्च की कुछ हद तक भरपाई की है और इसके फलस्वरूप इन गाड़ियों के परिचालन से हानि हुई है।

 

नयी दिल्ली, (भाषा) भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि बैंक जोखिम उठाने से बच नहीं रहे हैं, लेकिन ऐसे संकट के समय में सजग हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस समय ऋण की मांग ठहरी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंक नहीं चाहते कि 2008 के बाद जैसी स्थिति की पुनरावृत्ति हो जब ऋण के लिए ग्राहकों से ब्योरा लेने के मानकों को ‘हलका’ किया गया था। देश के सबसे बड़े बैंक के प्रमुख ने कहा कि आंकड़ों से स्पष्ट पता चलता है कि अर्थव्यवस्था में निवेश नीचे आया है। अखिल भारतीय प्रबंधन संघ (एआईएमए) द्वारा सोमवार को आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा, ‘‘यदि पूंजीगत खर्च नहीं हो रहा है और अर्थव्यवस्था में उसी रफ्तार से निवेश नहीं आ रहा है, तो निश्चित रूप से यह मांग का मामला है। जोखिम से बचने की स्थिति तब होगी जब मांग हो और बैंक कर्ज नहीं दे रहे हों।’’ रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के अनुसार जुलाई में सालाना आधर पर गैर-खाद्य बैंक ऋण 6.7 प्रतिशत बढ़ा। पिछले साल समान महीने में इसमें 11.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। जुलाई में बैंक ऋण 91.48 लाख करोड़ रुपये पर था। कुमार ने कहा कि बैंकों को कर्ज देने लिए प्रवर्तकों की ओर से इक्विटी की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि निवेश करने की क्षमता वाले लोगों या कंपनियों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थतियों में जरूरत इस बात की है कि ऐसी कंपनियां या उद्यमी सामने आएं जिनमें निवेश करने और कर्ज लेने की क्षमता हो। कुमार ने कहा, ‘‘2008 के बाद बैंकों ने काफी धन की आपूर्ति की थी। उस समय कर्ज देने के मानदंडों को ‘हलका’ किया गया था। बैंकिंग प्रणाली और देश को उसकी ऊंची कीमत चुकानी पड़ी।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या ब्याज दरों में और कटौती से वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा, एसबीआई प्रमुख ने कहा कि अभी तक जो कटौती हुई है उससे निवेश बढ़ाने में मदद नहीं मिली है।

 

 

 

नयी दिल्ली, (भाषा) सरकार ने सोमवार को बताया कि कैंटीन स्टोर विभाग (सीएसडी) के कर्मचारी, सरकारी कर्मी हैं जिन्हें वेतन रक्षा अनुमान बजट से दिया जाता है, इसलिये वे कैंटीन सुविधाओं का लाभ उठाने के हकदार हैं । लोकसभा में धनुष एम कुमार, सीएन अन्नादुरई, गजानन कीर्तिकर, गौतम सिगामणि पोन और जी सेल्वम के प्रश्न के लिखित उत्तर में रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाईक ने यह जानकारी दी। नाईक ने बताया कि सीएसडी कर्मचारियों की संख्या 2,141 है। उन्होंने कहा कि यूनिट संचालित कैंटीन के उपभोग पैटर्न के आधार पर सीएसडी प्रधान कार्यालय द्वारा जारी आदेश के संबंध में 436 कंपनियां सामान की आपूर्ति कर रही हैं ।