Home UttarPradesh पीएमएफएम प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के लिए डीएलसी का गठन

पीएमएफएम प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के लिए डीएलसी का गठन

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अमरोहा। भारत सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत प्रारंभ की गई पीएमएफएम प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के अंतर्गत देश में दो लाख सूक्ष्म उद्योगों को लाभान्वित करने वाला कुशल एवं अर्ध कुशल रोजगार उत्पन्न कराना प्रस्तावित किया गया है यही योजना वर्ष 2020- 21 से वर्ष 2024-25 तक 5 वर्षों के लिए लागू की जानी है।जिसमें उत्तर प्रदेश राज्य हेतु 37805 सूक्ष्म उद्योगों को लाभान्वित कर लगभग 170123 कुशल एवं अर्ध कुशल रोजगार उत्पन्न कराना प्रस्तावित है। इस क्रम में जनपद अमरोहा में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय कमेटी डीएलसी का गठन हुआ है। इस योजना के अंतर्गत पूर्व से स्थापित इकाइयों पात्रों की जिनमें 10 से कम कार्मिक कार्यरत हैं, इकाई का स्वामित्व आवेदक है तथा उसकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो तथा वह न्यूनतम कक्षा 8 उत्तीर्ण हो, एक परिवार का केवल एक व्यक्ति वित्तीय सहायता प्राप्त करने हेतु पात्र होगा, परिवार से आग से स्वयं पति/पत्नी और बच्चों से है जनपद स्तरीय कमेटी के द्वारा सामुदायिक संस्थानों एफपीओ एचडी आदि का प्रतिनिधित्व होगा। व्यक्तिगत उद्यमों को और सब्सिडी के लिए आवेदनों का अनुमोदन किया जाएगा राज्य नोडल एजेंसी को कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर और समूह के आवेदन पर संस्तुति, जनपदीय रिसोर्स पर्सन द्वारा सूक्ष्म उद्योगों को प्रदान किए जा रहे हैं होल्डिंग का अनुश्रवण किया जाएगा, डैशबोर्ड एवं पोर्टल के माध्यम से योजना का अनुश्रवण होगा सभी संस्थानों के साथ समन्वय सुनिश्चित करना होगा।वित्तीय प्रबंधन के लिए योजना का वित्तपोषण भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा 60: 40 के अनुपात में किया जाएगा। योजना अंतर्गत क्लस्टर एप्रोच एवं शीघ्र नष्ट होने वाले खाद्य पदार्थों पर विशेष ध्यान दिया जाना है पीएमएफएम यानी प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के क्रियान्वयन से प्रदेश में स्थानीय स्तर पर विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में बृहद रोजगार सृजन होगा। 24 अगस्त 2020 को नामित सदस्यों के साथ बैठक का आयोजन किया गया, जिस पर सर्वप्रथम सुनील कुमार जिला उद्यान अधिकारी द्वारा आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के क्रम में विस्तार से चर्चा की गई तथा यह भी जानकारी उपलब्ध कराई गई कि लाभार्थियों को स्वयं सहायता समूह के द्वारा 35% के आधार पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। जिस पर जिलाधिकारी द्वारा आगामी बैठक में कम से कम 10 लाभार्थियों का चयन कर लाभान्वित किए जाने हेतु निर्देश दिए गए हैं।