Home bangalore जातिगत राजनीति पसंद नही : शिवकुमार

जातिगत राजनीति पसंद नही : शिवकुमार

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नेशनल एक्सप्रेस,
बेंगलुरु, जनता दल (एस) के नेता एच डी कुमारस्वामी द्वारा तीन नवंबर को होने वाले उपचुनाव से पहले कांग्रेस पर पार्टी कार्यकर्ताओं को लुभाने की कोशिश करने का आरोप लगाए जाने के एक दिन पार्टी राष्ट्रीय पार्टी की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष डी के कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कहा कि विरोधी दलों के लोगों को पार्टी में शामिल करना और उनके मतों को आकर्षित करना, सिर्फ “चुनाव के समय की राजनीति” है।

अपने और कुमारस्वामी के बीच वोक्कालिगा समुदाय के नेतृत्व को लेकर प्रतिस्पर्धा को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि वह कभी जातिगत राजनीति नहीं करते और उनके लिये उनकी एक मात्र जाति कांग्रेस है। शिवकुमार और कुमारस्वामी दोनों ही प्रभावी वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं।

जद(एस) नेता की प्रतिक्रिया से जुड़े एक सवाल के जवाब में शिवकुमार ने कहा, “…उनके (कुमारस्वामी के) पास उनकी पार्टी है और हमारे पास हमारी। वे (जद-एस) अपना कर्तव्य कर रहे हैं और हम अपना।” यहां संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव के समय राजनीतिक दलों के लिये विरोधी दलों के मतों को आकर्षित करने का प्रयास आम बात है।

उन्होंने कहा, “जद(एस), कांग्रेस और भाजपा के मतों को आकर्षित करने का प्रयास करती है और उसी तरह हम भी दोनों दलों के मतों को अपनी तरफ आकर्षित करने की कोशिश करते हैं।” इसी तरह अगर कोई दूसरे दल से कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा व्यक्त करता है तो पार्टी उन्हें आने देती है।

उन्होंने कहा, “यह हो रहा है, यह कुछ और नहीं बल्कि चुनाव के समय की राजनीति है।” कुमारस्वामी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया था कि राजराजेश्वरी नगर विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के अभाव वाली पार्टी उपचुनाव से पहले उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को लुभाने की कोशिश कर रही है।

वोक्कालिगा समुदाय के नेतृत्व को लेकर प्रतिस्पर्धा के सवाल पर शिवकुमार ने कहा, उन्होंने कभी जातिगत राजनीति नहीं की और उनके लिये उनकी जाति कांग्रेस है। उन्होंने कहा, “मेरे माता-पिता वोक्कालिगा थे इसलिये मेरे विद्यालय के आवेदन में इस बात का उल्लेख है कि वोक्कालिगा हूं। मैं जन्म से कृषक भी हूं, जो समुदाय का पेशा है।”

उन्होंने कहा, “अब लेकिन में कांग्रेस का अध्यक्ष हूं और हमारी एक जाति है- जो कांग्रेस है। मुझे दूसरी जातियों के बारे में क्यों बोलना चाहिए? इस बारे में बात करना पसंद नहीं करता।”