Home Articles भूगोल

भूगोल

0
-अनिल कार्की
भूगोल जिसे गीत की तरह गाया है
चरवाहों ने
उनसे ही सुना मैंने
कि चोटी का होना अलग बात ठैरी
चोटी में रहना अलग बात!
जबकि चोटी से गिरना एक घटना है
ठीक चोटी में चढ़ने की तरह
भूगोल जिसे गीतों की तरह गाया गया कभी
आज उसे ही राजनीति शास्त्र में
पाठ की तरह पढ़ाया जा रहा है
समाजशास्त्र में अस्मिताओं के लिए
भूगोल की खींचतान हो रही है
दुनिया का गोल होना अलग बात है
धरती का थोड़ा-सा विनम्र होकर
झुक जाना एक बात है
जबकि धरती का चपटा होना एक घटना है।