Home Bihar मुंगेर विवाद : चुनाव आयोग ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को हटाने...

मुंगेर विवाद : चुनाव आयोग ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को हटाने का आदेश दिया

0
नेशनल एक्सप्रेस
पटना/मुंगेर, बिहार के मुंगेर जिले में सोमवार रात देवी दुर्गा की मूर्ति विर्सजन को लेकर झड़प के दौरान कथित तौर पर हुई पुलिस की गोलीबारी में एक युवक की हुयी मौत के मामले में बृहस्पतिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय सहित शहर में अन्य स्थानों पर तोड़फोड़ की गई और वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया ।

इस बीच निर्वाचन आयोग ने मुंगेर के जिलाधिकारी राजेश मीणा और पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह को तत्काल हटाने का आदेश दिया है और मगध प्रमंडल के आयुक्त असंगबा चुबा एओ को पूरे मामले की जांच करने के लिये कहा है ।

अपर निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि मौजूदा स्थिति के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने इन दोनों अधिकारियों को तत्काल हटाने का आदेश दिया है।

उन्होंने बताया कि आयोग ने मगध प्रमंडल के आयुक्त असंगबा चुबा एओ को पूरी घटना की जांच कर अगले सात दिनों में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है ।

निर्वाचन आयोग के निर्देश के आलोक में बिहार के सामान्य प्रशासन एवं गृह विभाग द्वारा जारी अलग अलग आदेश में राजेश मीणा की जगह सहकारिता विभाग की सहयोग समितियों में निबंधक के पद पर कार्यरत रचना पाटिल को मुंगेर का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है जबकि लिपी सिंह की जगह मानवजीत सिंह ढिल्लों को नया पुलिस अधीक्षक तैनात किया गया है ।

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के एक दिन पहले मुंगेर जिले के कोतवाली थाना अंतर्गत दीनदयाल उपाध्याय चौक पर सोमवार देर रात देवी दुर्गा की मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई गोलीबारी और पथराव में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस द्वारा की गयी गोलीबारी में 20 साल के युवक की मौत हो गयी थी । इस बारे में मुंगेर के जिलाधिकारी राजेश मीणा ने कहा था कि वह भीड़ के बीच से किसी के द्वारा चलाई गई गोली से मारा गया था।

पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने कहा था, “कुछ असामाजिक तत्वों ने दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान पथराव किया, जिसमें 20 जवान घायल हो गए। भीड़ की तरफ से गोलीबारी भी की गई जिसमें दुर्भाग्य से एक व्यक्ति की मौत हो गई।” घटना के एक कथित वीडियो में सुरक्षाकर्मियों को विसर्जन जुलूस में लोगों के एक समूह पर लाठीचार्ज करते दिखाया गया था। साथ ही सोशल मीडिया पर एक विचलित करने वाली तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें इस घटना में कथित तौर पर पुलिस की गोलीबारी में मारे गए व्यक्ति को उसकी खोपड़ी के खुले हिस्से के साथ जमीन पर पड़ा दिखाया गया था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्गा की मूर्ति विसर्जन के लिए जाने के दौरान मूर्ति को ले जाने के बांस से बने वाहक के टूट जाने के बाद दिक्कत शुरू हो गई थी और इसे ठीक करने में समय लग रहा था। मूर्ति को ले जाने वाले वाहक की मरम्मत में हुई देरी के कारण अन्य मूर्ति जुलूस रास्ते में फंसे हुए थे। प्रशासन चाहता था कि जुलूस जल्दी से जल्दी निकले क्योंकि सुरक्षाकर्मियों को बुधवार को चुनाव ड्यूटी पर तैनात किया जाना था।

इस घटना के बाद जिले में तनाव बढ़ गया है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गयी है ।

बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में प्रदेश के 71 विधानसभा सीटों पर बुधवार को हुए मतदान के औसत प्रतिशत (53.54) से कम मुंगेर में 47.36 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि 2015 के चुनाव में यहां मतदान का प्रतिशत 52.24 रहा था।

मुंगेर में हुयी इस घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने बृहस्पतिवार को किला क्षेत्र स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर पथराव किया और एक वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। किला क्षेत्र में ही स्थित अनुमंडल अधिकारी की गोपनीय शाखा में तोड़फोड़ की गई।

भीड़ ने मुफस्सिल थाना, महिला थाना, वासुदेवपुर एवं पूरब सराय पुलिस चौकी में तोड़फोड़ एवं आगजनी की।

प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि अपनी तुलना में उपद्रवियों के भारी संख्या को देखते हुए इन सभी पुलिस थानों के कर्मी अपनी जान बचाने के लिए परिसर से फरार हो गए।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने कोतवाली और कासिम बज़ार थाना को भी आग के हवाले करने की कोशिश की, लेकिन वहां उन्हें पुलिसकर्मियों के कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ा जिन्हें भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में फायरिंग भी करनी पड़ी ।

उपद्रवियों ने मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान कथित रूप से गोलीबारी करने के लिए जिम्मेदार पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मुंगेर शहर में राजीव चौक के पास टायर भी जलाए।

अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) जितेंद्र कुमार ने बताया कि मुंगेर में हालात पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त बल और पदाधिकारियों को भेजा गया है। मुंगेर के पुलिस उपमहानिरीक्षक मनु महाराज वहां हालात की निगरानी कर रहे हैं।

महाराज ने स्थिति को नियंत्रण में करने और शांति बहाली के लिए बुधवार को मुंगेर शहर में फ्लैग मार्च किया ।

इस बीच, पुलिस विभाग ने 26 अक्टूबर को गोलीबारी और लाठी चार्ज की घटनाओं के संबंध में मुफस्सिल थाना और बासुदेवपुर चौकी के प्रभारियों को हटाने का आदेश दिया है।

विपक्षी दलों के लिपी सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग के बीच मंगलवार को बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि चुनाव आयोग को घटना का संज्ञान लेना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करनी चाहिए।

गौरतलब है कि मुंगेर की पूर्व पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह जद यू के राज्यसभा सदस्य आरसीपी सिंह की बेटी हैं।

बेगूसराय जिले में दूसरे चरण में तीन वंबर को मतदान होना है। आरसीपी सिंह के बुधवार को बेगूसराय पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह बेगूसराय से लोकसभा के सदस्य हैं । उन्होंने मुंगेर की घटना की निंदा करते हुए कहा था कि अधिकारी चाहे कितने भी रसूख वाला हो, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

राजद के नेतृत्व वाले बिहार के विपक्षी महागठबंधन ने बुधवार को पटना में एक संवाददाता सम्मेलन करके इस घटना की ‘‘उच्च न्यायालय- की निगरानी में जांच’’ की मांग की थी।

राजद नेता एवं इस चुनाव में विपक्षी गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी से सवाल किया था, ‘‘मुंगेर पुलिस को ‘जनरल डायर’ की तरह काम करने की इजाजत किसने दी?’’ कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘‘बिहार पुलिस की ओर से बर्बरता और क्रूरता की हर सीमा को पार किया गया है।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘ क्या यह जलियांवाला बाग में गोलीबारी का आदेश देने वाले जनरल डायर वाला व्यवहार नहीं है?’’ कांग्रेस नेता ने यह भी पूछा, ‘‘क्या सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए मूर्ति विसर्जन करना पाप है? क्या अब बिहार में पूजा करना अपराध हो गया है?’’