Home International राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों ने बाइडन, हैरिस को दी राजनयिक, रक्षा एवं खुफिया...

राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों ने बाइडन, हैरिस को दी राजनयिक, रक्षा एवं खुफिया चुनौतियों की जानकारी

0

नेशनल एक्सप्रेस,

वाशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों ने देश के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन और निर्वाचित उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को देश के सामने मौजूद राजनयिक, रक्षा एवं खुफिया चुनौतियों की जानकारी दी।

सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया की शुरुआत करने वाली अमेरिकी सरकारी एजेंसी ‘जनरल सर्विसेस एडमिनिस्ट्रेशन’ (जीएसए) ने डेमोक्रेटिक नेताओं बाइडन और हैरिस को तीन नवंबर को हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव के विजेता के तौर पर अभी तक मान्यता नहीं दी है। इस एजेंसी की अध्यक्ष एमिली डब्ल्यू मर्फी को ट्रंप ने नियुक्त किया था।

मर्फी ने सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कानूनी रूप से आवश्यक कदम उठाने से इनकार कर दिया है। इस प्रक्रिया के शुरू होने के बाद ही बाइडन की टीम को बजट मिल सकेगा, आधिकारिक खुफिया जानकारी मुहैया कराई जा सकेगी और संघीय एजेंसियों तक पहुंच मिल सकेगी।

बाइडन-हैरिस सत्ता हस्तांतरण दल ने मंगलवार को कहा, ‘‘विशेषज्ञों ने उन्हें उन राजनयिक, रक्षा एवं खुफिया चुनौतियों के बारे में बताया, जिनका सामना उनके प्रशासन को पहले दिन से करना होगा।’’

जनरल (सेवानिवृत्त) लॉयड ऑस्टिन, टोनी ब्लिंकन, निकोलस बर्न्स, डेविड कोहेन, एवरिल हैन्स, कैथलीन हिक्स, जनरल (सेवानिवृत्त) स्टैनली मैकक क्रिस्टल, एडमिरल (सेवानिवृत्त) विलियम मैकरावेन, कारमेन मिडलटन, सामंथा पावर, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विंसेंट स्टीवर्ट, लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड और रॉबर्ट वर्क ने बाइडन एवं हैरिस को यह जानकारी दी।

बाइडेन ने इस दौरान कहा, ‘‘इन चुनौतियों से निपटने के लिए हमें हमारे लोकतंत्र को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है… और हमारी विदेश नीति उनके मूल्यों एवं आवश्यकताओं को प्रतिबिम्बित करती है। मुझे लगता है कि हमे अमेरिका के नेतृत्व को फिर से पहले की अवस्था में लाना और अमेरिका को मुखिया बनाना होगा।’’

विशेषज्ञों ने ऐसे समय में यह जानकारी दी है, जब निवर्तमान ट्रंप प्रशासन बाइडन और हैरिस को रोजाना आधिकारिक खुफिया जानकारी नहीं दे रहा है।

ट्रंप ने चुनाव में हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया है, ऐसे में प्रशासन बाइडन और हैरिस को खुफिया और राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर जानकारी मुहैया नहीं करा पा रहा है।