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पाकिस्तान के दो कबूलनामे

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पाकिस्तान के दो कबूलनामे सामने आए हैं। दोनों वहां की नेशनल असेंबली (संसद) में किए गए हैं और प्रत्यक्ष रूप से भारत से जुड़े हैं। एक पाकिस्तान की इमरान खान सरकार में मंत्री फवाद हुसैन चौधरी का है, जिन्होंने कबूल किया है कि कश्मीर में पुलवामा आतंकी हमला पाकिस्तान ने कराया था। वह हुकूमत के साथ-साथ कौम की भी बड़ी कामयाबी थी। उसके आप सब भी और हम भी हिस्सेदार थे। यह आतंकी हमला 14 फरवरी, 2019 को किया गया था, जिसमें हमारे 40 जवान ‘शहीद’ हो गए थे। दूसरा कबूलनामा विपक्षी मुस्लिम लीग-नवाज़ के वरिष्ठ सांसद एवं पूर्व स्पीकर सरदार अयाज़ सादिक का है। उन्होंने एक विशेष बैठक का जि़क्र किया, जिसमें वहां के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और सेना प्रमुख जनरल बाजवा भी थे। वजीर-ए-आजम ने आने से इंकार कर दिया था। जनरल बाजवा के पैर कांप रहे थे और माथे पर पसीना था। विदेश मंत्री ने खु़दा का वास्ता देकर, भारत के विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा करने की गुहार की थी। विदेश मंत्री ने यह सूचना भी साझा की थी कि रात को नौ बजे हिंदुस्तान पाकिस्तान पर अटैक कर सकता है। उस बैठक के करीब एक घंटे बाद प्रधानमंत्री इमरान खान ने संसद में ऐलान किया कि सद्भाव और अमन-चैन की खातिर हिंदुस्तान के विंग कमांडर को रिहा किया जा रहा है। इन दो कबूलनामों से पाकिस्तान का असल चरित्र और फितरत बेनकाब होती है। पाकिस्तान फिलहाल फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (फाट्फ) की ग्रे सूची में है। आतंकवाद और आतंकियों को पनाह देने और पैसा, हथियार मुहैया कराने सरीखे बेहद गंभीर और मानवता-विरोधी आरोप पाकिस्तान पर हैं। उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को ‘बेगुनाह’ साबित करना है। इस संदर्भ में पाकिस्तान की संसद में मंत्री फवाद हुसैन चौधरी का कबूलनामा पाकिस्तान को फाट्फ की काली सूची में धकेल सकता है। एक देश की हुकूमत ने पड़ोसी देश के भीतर आतंकी हमला कराया था। पाकिस्तानी मंत्री का यह कबूलनामा अभी तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल चुका होगा और कई देश चौंक भी उठे होंगे! भारत सरकार के लिए यह साबित करने का सुनहरी मौका है कि पाकिस्तान एक आतंकवादी देश है, लिहाजा उसे फाट्फ की काली सूची में डाला जाए। भारत सरकार फाट्फ को एक संपूर्ण डोजि़यर सौंप सकती है। वैसे भी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के पास पुलवामा आतंकी हमले से जुड़े तमाम प्रमाण होंगे! पाकिस्तान में ही स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद ने उस आतंकी हमले की साजि़श रची और उसे अंजाम दिया। चूंकि पुलवामा हमले के पलटवार में हमारी वायुसेना ने ‘बालाकोट ऑपरेशन’ के तहत ‘स्पाइस-2000’ बम बरसाए थे। नतीजतन कई आतंकी अड्डे तबाह कर दिए गए और करीब 250-300 आतंकी भी ढेर किए गए। ऑपरेशन 26 फरवरी, 2019 को किया गया। उसी की प्रतिक्रिया में पाकिस्तान ने एफ-16 लड़ाकू विमान से भारत पर हमला करने की कोशिश की थी। विंग कमांडर अभिनंदन ने अपेक्षाकृत पुराने लड़ाकू विमान मिग-21 से ही एफ-16 को मार गिराया। मिग भी क्रैश हुआ और पैराशूट से कूदते हुए अभिनंदन पीओके इलाके में जा पहुंचे। पाकिस्तान ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। तब चीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात आदि देशों ने पाकिस्तान को चेताया था कि हालात बिगड़ने मत देना। इधर भारत में सेना के बड़े अफसरों का दावा था कि अपने पायलट की रिहाई के लिए भारतीय सेना किसी भी हद तक जा सकती है। कुछ रक्षा विशेषज्ञों ने खुलासा किया है कि भारत ने बालाकोट से 10 गुना तीव्र और प्रहारक रणनीति तय कर ली थी। पाकिस्तान के विदेश मंत्री का खौफ बेजा नहीं था। पाकिस्तान के जनरल कितने खौफजदा रहे होंगे कि सेना प्रमुख तक की स्थिति बयां की जा चुकी है। बहरहाल हमारे जांबाज विंग कमांडर को पूरे सम्मान से वाघा बॉर्डर पर हमारे सैन्य अफसरों को सौंपा गया। कहानी का पटाक्षेप यहीं नहीं होता, क्योंकि सीमापार से घुसपैठ और आतंकी हमले जारी हैं। इसी साल पाकिस्तान 3800 से अधिक बार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर चुका है।