Home Neelam Saxena Chandra तदबीर

तदबीर

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नीलम सक्सेना चंद्रा

अच्छी तस्वीर से अच्छी तहरीर
बनना ज़रूरी नहीं है जनाब-
हाँ,अच्छी तहरीर ज़रूर
अच्छी तस्वीर बना सकती है|
सुनो,
कूट-कूटकर जोश और जुस्तजू को
अपनी ज़िंदगी की किताब के
हर एक सफ्हे पर बिछा दिया करो,
फिर उसे रौशनी के जुगनुओं से
खूबसूरती से सजा दिया करो-
देखना कैसे तबस्सुम की लाली
तहरीर पर छा जायेगी!
हाँ! वो हर पढने वाले के
अंग-अंग में समा जायेगी,
और उस पढने वाले की तस्वीर में
रंगत ही रंगत छा जायेगी!
तहरीर से खूबसूरत तस्वीर बनाना
यही ख़ास तदबीर है!