Home Bihar पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह की जानमाल की सुरक्षा की गारंटी करे सरकार।

पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह की जानमाल की सुरक्षा की गारंटी करे सरकार।

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 नेशनल एक्सप्रेस ब्यूरो,
बिहार: बिहार नवनिर्माण मोर्चा के महासचिव सह प्रवक्ता धनंजय सिंह ने एक वक्तव्य देते हुए कहा कि बिहार के जन जन के नेता पूर्व कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह जो उग्रवाद प्रभावित जमुई इलाके के रहने वाले हैं।
उन पर उग्रवादियों एवं उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा उनके जान-माल और परिवार पर कभी भी घातक हमला को देखते हुए राज्य सरकार ने उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान किया था।यह दुर्भाग्य है जबकि अभी चुनाव चल रहा है और राजनैतिक सरगर्मियां तेज हैं स्वयं श्री सिंह भी अभी बीमार हैं।
ऐसी विकट परिस्थिति में राज्य सरकार ने द्वेष और प्रतिशोध की भावना से उनके यहां से सुरक्षाकर्मी को दिनांक 4/11/2020 को वापस कर लिया।जो बहुत ही चिंतनीय और अलोकतांत्रिक है।उल्लेखनीय हैं कि नरेंद्र सिंह राज्य में कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे हैं।
आज भी किसानों,मजदूरों, रोजगारों,छात्रों,महिलाओं के समस्याओं के लिए बराबर संघर्षशील हैं।उन पर उग्रवादियों एवं राजनीतिक विरोधियों का खतरा गंभीर चुनौती के रूप में है।
उनको पूर्ण सुरक्षा देने के बजाय दिए गए सुरक्षा की वापसी इस बात को जाहिर करता है कि सरकार पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह के जानलेवा विरोधियों के पक्ष में खड़ी है यह ज्ञातव्य हो कि राज्य सरकार ने वर्ष 2009 में श्री सिंह के ऊपर आसन ‌‍उग्रवादी खतरे को देखते हुए अपने पत्रांक संख्या 5831,दिनांक 4/8/ 2009 को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान किया गया था।
पुन: जिला प्रशासन जमुई द्वारा श्री सिंह पर खतरे की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी जमुई ने पत्रांक संख्या 1836,दिनांक 27/10/2014 को पूर्ण विवरण के साथ उनकी सुरक्षा जेड श्रेणी से बढ़ाकर जेड प्लस करने की अनुशंसा पुलिस महानिदेशक एवं गृह विभाग को भेजा।
पुन:जिला अधिकारी जमुई एवं आरक्षी अधीक्षक जमुई ने पत्रांक संख्या 1965,दिनांक 14/11/2014 को दोबारा नरेंद्र सिंह की सुरक्षा जेड प्लस श्रेणी करने की अनुशंसा गृह सचिव को भेजा!लेकिन दुर्भाग्य से श्री सिंह की सुरक्षा बढ़ाने के बजाय बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री का पद संभालते ही 2016 में श्री सिंह की सुरक्षा जेड श्रेणी से हटाकर वाई श्रेणी में डाल दिया।
यह कार्य प्रतिशोध और ईर्ष्या तथा बदला लेने की भावना से किया गया जो बहुत ही निंदनीय और चिंतनीय है।इसके बाद फिर नरेंद्र सिंह ने अपनी सुरक्षा को बढ़ाए जाने के लिए मुख्यमंत्री को दर्जनों पत्र लिखा तथा मिलकर भी अनुरोध किया। यह सर्वविदित है कि नरेंद्र सिंह अपने प्रारंभिक जीवन से ही आम आवाम के लिए संघर्षरत रहे हैं।ज्ञातव्य हो 1974 में बिहार का छात्र आंदोलन के संचालक मंडल के सबसे प्रमुख नेता रहे हैं।
उस आंदोलन को जेपी आंदोलन के रूप में भी जाना जाता है नरेंद्र जी जेपी के दत्तक पुत्र के रूप में जाने जाते हैं।उसके बाद श्री नरेंद्र सिंह जनता पार्टी,जनता दल, लोक जनशक्ति पार्टी तथा पुनःजनता दल के वरिष्ठ नेता के रूप में जाने जाते रहे हैं। विगत के कुछ वर्षों में श्री नीतीश कुमार के गलत कार्यकलापों और जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध नरेंद्र सिंह बराबर आवाज उठाते रहे हैं।
अभी विधानसभा 2020 के चुनाव में वे नीतीश कुमार का विरोध कर रहे हैं।तथा उनके दो पुत्र अजय प्रताप जमुई विधानसभा से तथा सुमित कुमार चकाई विधानसभा से नीतीश कुमार के दल के विरुद्ध चुनाव लड़ रहे हैं।
अतःइन्हीं कारणों से प्रतिशोध एवं ईर्ष्या की भावना से नीतीश कुमार की सरकार नरेंद्र सिंह को जानमाल की क्षति पहुंचाने की दृष्टि से तथा उत्पीड़ित करने की दृष्टि से उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।नरेंद्र सिंह के घर से सुरक्षा गार्ड को वापस करना यह साबित करता है कि नीतीश कुमार, नरेंद्र सिंह के जानमाल एवं उनके परिवार को क्षति पहुंचाना चाहते हैं।
यह भी ज्ञातव्य है कि नरेंद्र सिंह पिछले 15 दिनों से बीमार हैं तथा पटना एम्स में उनका इलाज चल रहा है।अतः बिहार सरकार से अनुरोध है कि नरेंद्र सिंह के जानमाल की सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित करें तथा उनके यहां से वापस लिए गए सुरक्षाकर्मी को वापस किया जाए।अन्यथा 10 नवंबर के बाद चुनाव कार्यक्रम खत्म होते ही पूरे राज्य में एक बड़े जन आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।