Home National चुनाव से पहले तीन पेट्रोलियम परियोजनाओं का किया उद्घाटन

चुनाव से पहले तीन पेट्रोलियम परियोजनाओं का किया उद्घाटन

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पटना, (भाषा) बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यहां पेट्रोलियम क्षेत्र की तीन परियोजनाओं को देश को समर्पित किया, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर सराहना की और प्रदेश को ‘‘प्रतिभा का पावरहाउस’’ करार दिया। मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये 900 करोड़ रुपये की जिन पेट्रोलियम परियोजनाओं का उद्घाटन किया उनमें पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइपलाइन परियोजना का दुर्गापुर-बांका खंड और बांका और चंपारण जिलों में दो एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र शामिल हैं। मोदी ने इन परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करने के अपने ‘सौभाग्य’’ का उल्लेख करते हुए कहा कि अब देश और बिहार, उस दौर से बाहर निकल रहा है जिसमें एक पीढ़ी काम शुरू होते देखती थी और दूसरी पीढ़ी उसे पूरा होते हुए। उन्होंने कहा, ‘‘नए भारत, नए बिहार की इसी पहचान, इसी कार्य संस्कृति को हमें और मजबूत करना है। और निश्चित तौर पर इसमें नीतीश जी की भी बहुत बड़ी भूमिका है।’’ बांका और भागलपुर क्षेत्र में बोली जाने वाली अंगिका से अपने भाषण की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गैस पाइपलाइन परियोजना से बिहार में उर्वरक, बिजली और इस्पात क्षेत्र के उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और सीएनजी आधारित स्वच्छ यातायात प्रणाली का भी लाभ मिल सकेगा तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि इस सेक्शन की लंबाई करीब-करीब दो सौ किलोमीटर है और इस रूट पर पाइपलाइन बिछाकर काम पूरा करना बहुत ही चुनौतीपूर्ण था। क्योंकि रास्ते में 10 के करीब बड़ी नदियां, कई किलोमीटर के घने जंगल और चट्टानी रास्ते थे।उन्होंने कहा कि गैस बेस्ड इंडस्ट्री और पेट्रो-कनेक्टिविटी जैसे शब्द सुनने में बड़े टेक्नीकल से लगते हैं लेकिन इनका सीधा असर लोगों के जीवन पर पड़ता है। उनके जीवन स्तर पर पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘‘गैस बेस्ड इंडस्ट्री और पेट्रो-कनेक्टिविटी रोजगार के भी लाखों नए अवसर बनाती है।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि आप कल्पना कीजिए कोरोना के मौजूदा दौर में जब घर में रहना ज़रूरी था, तब अगर इन लोगों को लकड़ी या दूसरा ईंधन जुटाने के लिए बाहर निकलना पड़ता तो क्या स्थिति होती। लेकिन उज्जवला योजना के चलते ऐसी स्थिति नहीं निर्मित हुई। इस योजना की लाभार्थी बहनों को करोड़ों सिलेंडर मुफ्त में दिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने लोगों को वह दिन याद दिलाया जब जब पूरे देश में और बिहार में एलपीजी गैस कनेक्शन होना बड़े संपन्न लोगों की निशानी हुआ करती थी और एक-एक गैस कनेक्शन के लिए लोगों को सिफारिशें लगवानी पड़ती थीं। सांसदों के घर के बहार कतार लगानी पड़ती थी। राज्य में विपक्षी दल राजद और उसके नेता लालू प्रसाद या पार्टी के सहयोगी दल कांग्रेस में से किसी का भी नाम नहीं लेते हुए मोदी ने राज्य के पिछड़ेपन के लिए उस मानसिकता को जिम्मेदार ठहराया जिसमें आर्थिक प्रगति को तिरस्कार की दृष्टि से देखा जाता है और जब गरीबों के उत्थान की बात आती है तो केवल बातों को ही पर्याप्त माना जाता है। परोक्ष रूप से लालू प्रसाद की ओर इशारा करते हुए मोदी ने कहा कि बिहार लंबे समय से एक अलग तरह की मानसिकता से जकड़ा हुआ था। सड़क परियोजनाओं को हतोत्साहित किया जाता था और लोगों से पूछा जाता था कि इनका उन लोगों के लिए क्या काम है जिनके पास वाहन नहीं हैं और जो पैदल चलते हैं। उन्होंने कहा कि प्रगति को लेकर इस अनदेखी का असर उच्च शिक्षा पर भी पड़ा, लेकिन बीते 15 वर्ष सुशासन के रहे हैं। आधारभूत ढांचे में सुधार आया है, नए मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज खुले, विधि संस्थान तथा पॉलीटेक्निक खुले। नीतीश कुमार ने प्रगति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।