कर्तव्य पथ पर उत्तर प्रदेश की झांकी में दिखेगी विरासत और विकास की तस्वीर
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली परेड में उत्तर प्रदेश की झांकी इस वर्ष भी देश-विदेश के दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी।
लखनऊ, भाषा। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली परेड में उत्तर प्रदेश की झांकी इस वर्ष भी देश-विदेश के दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी।बृहस्पतिवार को यहां जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और तीव्र विकास यात्रा को दर्शाने वाली इस बार की झांकी में बुंदेलखंड की गौरवशाली संस्कृति को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।
झांकी के माध्यम से प्राचीन कालिंजर दुर्ग की ऐतिहासिक गरिमा के साथ-साथ आधुनिक उत्तर प्रदेश की तेजी से आगे बढ़ती छवि को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।झांकी के अग्रभाग में कालिंजर दुर्ग की प्रसिद्ध शैल-कला कृतियों में से एक एकमुख लिंग को स्थापित किया गया है जो बुंदेलखंड की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। यह क्षेत्र की धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक पहचान को दर्शाता है।
झांकी के मध्य भाग में बुंदेलखंड की जीवंत हस्तशिल्प परंपराओं, मृद्भांड कला, मनका शिल्प और स्थानीय व्यापार को दर्शाया गया है। ये सभी ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत आते हैं।झांकी के पिछले भाग में कालिंजर दुर्ग के नक्काशीदार स्तंभों और भव्य द्वारों को दर्शाया गया है जहां पर्यटक इसके ऐतिहासिक गलियारों का अनुभव करेंगे।
साथ ही, नीलकंठ महादेव मंदिर का भव्य स्वरूप कालिंजर की आध्यात्मिक और स्थापत्य विरासत को सुदृढ़ करता है।झांकी का अंतिम भाग किले की स्थापत्य शैली से प्रेरित आधुनिक संरचना के रूप में तैयार किया गया है जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक प्रगति, आधारभूत ढांचा और नवयुगीन निर्माण की झलक दिखाई देगी।

