श्री महाकालेश्वर धाम समिति ने पेश की सामाजिक समरसता की मिसाल संजीव वाल्मीकि को बनाया बालाजी महोत्सव कार्यक्रम का संयोजक
अशोक नगर के प्रसिद्ध धार्मिक केंद्र श्री महाकालेश्वर बालाजी धाम में आगामी बालाजी जन्मोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं।
नेशनल एक्सप्रेस, मुरादाबाद। अशोक नगर के प्रसिद्ध धार्मिक केंद्र श्री महाकालेश्वर बालाजी धाम में आगामी बालाजी जन्मोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। आज मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में इस भव्य महोत्सव की रूपरेखा तय कर ली गई। बैठक की अध्यक्षता नगर संत एवं पीठाधीश्वर सिद्ध पीठ श्री महाकालेश्वर बालाजी धाम के महामंडलेश्वर स्वामी श्री संजयनंद गिरि जी महाराज ने की। सभी सम्मानित पदाधिकारियों की सर्वसहमति से कार्यक्रम का संयोजन श्री संजीव वाल्मीकि जी के नेतृत्व में सौंपा गया है।

यह महोत्सव 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होकर 2 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें मंगल कलश यात्रा, अखंड रामायण पाठ, सोने का चोला चढ़ाना, 56 भोग अर्पण, संकट मोचन यज्ञ और ब्रह्म भोज जैसे धार्मिक आयोजन शामिल हैं।श्री महाकालेश्वर बालाजी धाम सम्राट अशोक नगर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां प्रतिवर्ष बालाजी जन्मोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है, जिसमें क्षेत्रवासी दूर-दूर से सादर पधारते हैं। इस बार का महोत्सव विशेष महत्व रखता है, क्योंकि महामंडलेश्वर स्वामी संजयनंद गिरि जी महाराज की प्रेरणा से इसे और भव्य बनाने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में ट्रस्ट से जुड़े सभी प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने महोत्सव की हर बारीकी पर विचार-विमर्श किया और एकजुट होकर रूपरेखा तैयार की। स्वामी जी ने सभी को संकल्प दिलाया कि यह आयोजन भगवान बालाजी की कृपा से निर्विघ्न संपन्न हो।बैठक के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा करते हुए अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी संजयनंद गिरि जी महाराज ने कहा कि बालाजी महोत्सव केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने का माध्यम है।
उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे इस पावन अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं और धर्म लाभ प्राप्त करें। स्वामी जी के अनुसार, भगवान बालाजी संकट मोचन हैं और उनके जन्मोत्सव में भाग लेना जीवन के कष्टों से मुक्ति दिलाता है। उन्होंने ट्रस्ट सदस्यों को निर्देश दिए कि हर व्यवस्था पूर्णता की हो, ताकि आने वाले भक्तों को कोई असुविधा न हो।कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, महोत्सव का शुभारंभ 1 अप्रैल 2026 की सुबह मंगल कलश यात्रा से होगा।
सम्राट अशोक नगर स्थित श्री महाकालेश्वर बालाजी धाम परिसर में भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें सैकड़ों भक्त शामिल होंगे। यात्रा के समापन पर अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा। यह पाठ 24 घंटे निरंतर चलेगा, जिसमें विद्वान पंडितों की टीम भाग लेगी। रामायण पाठ भगवान राम और हनुमान जी की महिमा का गुणगान करेगा, जो बालाजी भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।दूसरे दिन, 2 अप्रैल 2026 को सुबह भगवान बालाजी महाराज को सोने का चोला चढ़ाया जाएगा। यह चोला शुद्ध सोने से निर्मित होगा, जो ट्रस्ट की ओर से विशेष रूप से तैयार कराया जा रहा है।
इसके साथ ही 56 भोग अर्पित किया जाएगा, जिसमें मौसमी फल, मिठाइयां, पान-सुपारी और अन्य प्रसाद शामिल होंगे। तत्पश्चात अखंड रामायण पाठ का समापन होगा। उसके बाद संकट मोचन यज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सैकड़ों हवन कुंड स्थापित होंगे। यज्ञ के समापन पर ब्रह्म भोज का प्रबंध किया गया है, जिसमें सभी भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया जाएगा। यह भोज शाकाहारी होगा और स्थानीय स्तर पर हजारों लोगों को समाहित करने की क्षमता रखेगा।श्री संजीव वाल्मीकि जी को कार्यक्रम का संयोजन सौंपे जाने पर सभी ने तालियां बजाईं।
वे ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य हैं और पूर्व वर्षों में भी कई सफल आयोजनों का संयोजन कर चुके हैं। उनके नेतृत्व में समितियां गठित की गई हैं, जो सुरक्षा, स्वागत, प्रसाद वितरण, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का जिम्मा लेंगी। संजीव जी ने कहा कि वे स्वामी जी के मार्गदर्शन में हर संभव प्रयास करेंगे ताकि महोत्सव ऐतिहासिक बने। उन्होंने भक्तों से अपील की कि वे अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।बैठक में उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में गुरु माता अनीता अग्रवाल जी, विनोद राय, राजयोग अग्रवाल, अनुराधा अग्रवाल, सर्वेश कुमार पटेल, विपिन भट्ट, संतोष पंडित, मिथुन शर्मा, प्रीतम सिंह, राजीव कुमार, अभिनव क्षत्रिय, इकरामुल हसन, देशराज सिंह, शशिकांत शर्मा, मोहित, शोभित, देव गुप्ता, तुषार अग्रवाल, नितिन मित्तल, श्रीमती कविता अग्रवाल, श्रीमती रूबी शर्मा सहित अन्य बाबा के सेवादार शामिल रहे।
इन सभी ने महोत्सव की सफलता के लिए प्रतिबद्धता जताई। गुरु माता अनीता अग्रवाल जी ने महिलाओं की विशेष समिति गठित करने का सुझाव दिया, जो स्वागत और प्रसाद व्यवस्था संभालेगी।श्री महाकालेश्वर बालाजी धाम का इतिहास भी रोचक है। यह सिद्ध पीठ वर्षों से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करने के लिए जाना जाता है। महामंडलेश्वर स्वामी संजयनंद गिरि जी महाराज ने इसे एक वैश्विक धार्मिक केंद्र बनाने का संकल्प लिया है। उनके नेतृत्व में यहां नियमित सत्संग, यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठान होते रहते हैं। बालाजी महोत्सव इस पीठ की प्रमुख वार्षिक घटना है, जो स्थानीय संस्कृति को मजबूत करती है।
सम्राट अशोक नगर के निवासी इसे अपने धार्मिक कैलेंडर का अभिन्न अंग मानते हैं।इस महोत्सव से क्षेत्र में धार्मिक उन्माद की लहर दौड़ेगी। स्थानीय व्यापारी भी उत्साहित हैं, क्योंकि यात्रा मार्ग पर दुकानें सज रही हैं। ट्रस्ट ने प्रशासन से भी समन्वय करने का निर्णय लिया है, ताकि यातायात और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहे। स्वामी जी ने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया, निर्देश दिए कि प्लास्टिक का उपयोग न्यूनतम हो। महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे, जिसमें भजन-कीर्तन और रामलीला के दृश्य प्रस्तुत किए जाएंगे।सम्राट अशोक नगर जैसे छोटे नगर में यह आयोजन सामाजिक एकता का प्रतीक बनेगा।
विभिन्न समुदायों के लोग एक साथ आएंगे, जो सद्भाव का संदेश देगा। ट्रस्ट ने ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी शुरू करने की योजना बनाई है, ताकि दूर के भक्त आसानी से भाग ले सकें। महोत्सव के बाद ट्रस्ट एक रिपोर्ट जारी करेगा, जिसमें सभी आयोजनों का विवरण होगा।महामंडलेश्वर स्वामी संजयनंद गिरि जी महाराज ने बैठक के अंत में आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा, "भगवान बालाजी की जय हो। यह महोत्सव सभी के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा।" क्षेत्रवासियों ने स्वामी जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।श्री महाकालेश्वर बालाजी धाम से निकलने वाली यह धार्मिक लहर पूरे सम्राट अशोक नगर को आनंदित कर देगी। सभी भक्तों को बधाई, जो इस पावन महोत्सव में शरीक होंगे।

