धनारी में पशु चिकित्सा अधिकारी की लापरवाही घायल गाय और बंदर का इलाज कराने को मजबूर ग्रामीण थाने में दी शिकायत

नेशनल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
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पशु चिकित्सा विभाग की लापरवाही एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। थाना धनारी क्षेत्र के ग्राम जयरामनगर निवासी इन्दल सिंह पुत्र दरया सिंह ने थाने में दी तहरीर में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गांव में घायल अवस्था में पड़ी एक गाय और करंट से झुलसे एक बंदर का इलाज कराने के लिए वे पिछले पंद्रह दिनों से पशु चिकित्सा अधिकारी धनारी के पास चक्कर काट रहे हैं।

नेशनल एक्सप्रेस संवाददाता, गुन्नौर/धनारी। पशु चिकित्सा विभाग की लापरवाही एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। थाना धनारी क्षेत्र के ग्राम जयरामनगर निवासी इन्दल सिंह पुत्र दरया सिंह ने थाने में दी तहरीर में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गांव में घायल अवस्था में पड़ी एक गाय और करंट से झुलसे एक बंदर का इलाज कराने के लिए वे पिछले पंद्रह दिनों से पशु चिकित्सा अधिकारी धनारी के पास चक्कर काट रहे हैं। लेकिन डॉक्टर लगातार टालमटोल करते रहे और अब तक मौके पर पहुंचकर इलाज करना जरूरी नहीं समझा।

ग्रामीण इन्दल सिंह ने बताया कि जब गांव में एक गाय घायल हो गई थी तो उन्होंने अपने खर्चे पर उसका इलाज कराया, जिससे उसकी जान बच सकी। इसी दौरान गांव में एक बंदर बिजली की चपेट में आ गया। बंदर की हालत गंभीर थी, जिसे बचाने के लिए उन्होंने तुरंत पशु चिकित्सा अधिकारी को सूचना दी। इन्दल सिंह का कहना है कि उन्होंने डॉक्टर से बार-बार आग्रह किया कि बेहतर इलाज हेतु मौके पर आएं, यहां तक कि उन्होंने साफ कहा कि इलाज का पूरा खर्च वह स्वयं उठाएंगे, बावजूद इसके डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचे। ग्रामीण ने आरोप लगाया कि पशु चिकित्सा अधिकारी की लापरवाह कार्यशैली से वह काफी परेशान हैं। मजबूर होकर उन्होंने थाने आकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इन्दल सिंह का कहना है कि पशु सेवा विभाग का दायित्व है कि घायल पशुओं का समय पर इलाज कराया जाए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे। गांव के अन्य लोगों ने भी बताया कि पशु चिकित्सा विभाग की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को आए दिन परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद सुधार नहीं होता। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की जांच कर लापरवाह अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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