‘रेमिटेंस’ आधारित अर्थव्यवस्था से केरल का पूर्ण विकास संभव नहीं: अमित शाह

नेशनल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि केवल ‘रेमिटेंस’ यानी विदेशों में काम करने वाले राज्य के नागरिकों द्वारा घर भेजी जाने वाली रकम के आधार पर केरल की अर्थव्यवस्था का पूर्ण विकास संभव नहीं है।

तिरुवनंतपुरम, भाषा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि केवल ‘रेमिटेंस’ यानी विदेशों में काम करने वाले राज्य के नागरिकों द्वारा घर भेजी जाने वाली रकम के आधार पर केरल की अर्थव्यवस्था का पूर्ण विकास संभव नहीं है। उन्होंने राज्य के लिए एक अधिक समावेशी विकास मॉडल का आह्वान किया।मलयालम दैनिक ‘केरल कौमुदी’ द्वारा आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि केरल को एक ऐसे आर्थिक मॉडल की आवश्यकता है जो सभी नागरिकों का विकास सुनिश्चित करे।

उन्होंने कहा, "हम ‘रेमिटेंस’ का स्वागत करते हैं और यह जारी रहना चाहिए, लेकिन केवल इसी के माध्यम से हर नागरिक का विकास हासिल नहीं किया जा सकता।"शाह ने सवाल किया कि उन परिवारों का क्या होगा जिनका कोई सदस्य विदेश में काम नहीं कर रहा।उन्होंने जोर दिया कि ‘रेमिटेंस’ अर्थव्यवस्था का एक हिस्सा हो सकता है, लेकिन एकमात्र स्तंभ नहीं।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘रेमिटेंस’ को कम किए बिना राज्य के भीतर ही अधिक अवसर पैदा किए जाने चाहिए

और पर्यटन व शिक्षा क्षेत्र की क्षमता का पूरी तरह से दोहन करने की जरूरत है।शाह ने कहा कि केरल को समुद्री व्यापार के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का पूरी तरह से दोहन करना चाहिए।उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि राज्य के आयुर्वेद क्षेत्र, औषधीय उत्पादों और मसालों की दुनिया भर में धाक है और इन्हें बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है।

शाह ने सुझाव दिया कि केरल को डेटा स्टोरेज, आईटी और सेमीकंडक्टर जैसे उद्योगों को विकसित करना चाहिए, जिनमें कम भूमि लेकिन उच्च बौद्धिक क्षमता की आवश्यकता होती है।उन्होंने कहा, "रेमिटेंस आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ केरल को एक व्यापक और समावेशी विकास मॉडल अपनाना चाहिए जो राज्य को आगे ले जाए। इससे हर नागरिक के लिए विकास के अवसर पैदा होंगे।"

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शाह ने कहा कि भाजपा ने एक ‘विकसित केरल’ की परिकल्पना की है और यह राज्य अपार संभावनाओं से संपन्न है।उन्होंने कहा, "केरल की संस्कृति, साहित्य और शिक्षा के प्रति जुनून इसे देश के शीर्ष राज्यों में से एक बनाता है। आयुर्वेद से लेकर सूचना एवं प्राद्योगिकी तक, खेल से स्टार्टअप तक और ‘बैकवाटर’ से लेकर बौद्धिक चर्चाओं तक, केरल ने कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।"

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उन्होंने आरोप लगाया कि केरल में दो राजनीतिक गठबंधनों के बीच सत्ता का बारी-बारी से चलता चक्र ‘‘राजनीतिक जड़ता’’ का कारण बन गया है।उन्होंने कहा, ‘‘मैं केरल के लोगों से एक नए विचार, नए रक्त और एक नयी तरह की राजनीति के लिए अपील करने आया हूं।’’प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वह भारतीय इतिहास के एकमात्र ऐसे नेता हैं,

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जिन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण तक फैले विविध विकास की परिकल्पना की है।शाह ने कहा कि भारत 2014 में दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, जो महज 11 वर्षों में अब चौथे स्थान पर आ गया है और दिसंबर 2027 से पहले यह तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

उन्होंने कहा कि देश में अवसंरचना के विकास में लगभग 610 प्रतिशत की वृद्धि हुई हैर अब दुनिया के कुल डिजिटल लेनदेन का 50 प्रतिशत हिस्सा भारत में होता है।गृहमंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में 60 करोड़ गरीबों को आवास, गैस कनेक्शन और स्वास्थ्य बीमा जैसी बुनियादी सुविधाएं दी गई हैं, जबकि पिछले 10 वर्षों में 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं।

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