अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा शनिवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकती हैं
राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार शनिवार को महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकती हैं और मंत्रिमंडल में अपने दिवंगत पति अजित पवार की जगह ले सकती हैं।
मुंबई/पुणे, भाषा। राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार शनिवार को महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकती हैं और मंत्रिमंडल में अपने दिवंगत पति अजित पवार की जगह ले सकती हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह पार्टी के महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति में बने रहने और विलय वार्ता के फिलहाल स्थगित होने का संकेत है।
सुनेत्रा पवार राज्य में उपमुख्यमंत्री का पद संभालने वाली पहली महिला होंगी। यह पद पहली बार 1978 में तब सृजित किया गया था जब महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार का युग शुरू हुआ था।बारामती में बुधवार को एक विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के एक वर्ग ने देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद सुनेत्रा पवार को दिये जाने की मांग की थी।
सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में निर्णय पर सुनेत्रा पवार द्वारा सहमति दिये जाने के बारे में पार्टी के नेताओं को अवगत करा दिया गया था।एक सूत्र ने बताया, "शनिवार को मुंबई में राकांपा के संसदीय बोर्ड की एक बैठक होगी, जिसमें सुनेत्रा पवार को पार्टी विधायक दल का नेता चुना जाएगा।
इस संबंध में घटनाक्रम के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्र के अनुसार, "शनिवार शाम तक सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने की संभावना है।"मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में संवाददाताओं से कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति का नेतृत्व करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दिवंगत अजित पवार के परिवार और पार्टी द्वारा लिए गए किसी भी फैसले का समर्थन करेगी।
फडणवीस ने कहा, ‘‘राकांपा उपमुख्यमंत्री पद के लिए जो भी फैसला लेगी, सरकार और भाजपा उस फैसले का समर्थन करेंगे। मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि हम अजित दादा के परिवार और राकांपा के साथ खड़े हैं।’’वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव तक सुनेत्रा पवार सुर्खियों से दूर रहीं। उसी वर्ष हुए आम चुनाव में उन्होंने अपने पति की पार्टी की उम्मीदवार के रूप में बारामती लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन प्रतिष्ठा की लड़ाई में अपनी ननद एवं राकांपा (शरद चंद्र पवार) उम्मीदवार सुप्रिया सुले से हार गईं।
इसके बाद सुनेत्रा पवार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुईं।महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल ने दिन में बताया कि राकांपा के विधायक दल की बैठक 31 जनवरी को मुंबई में होगी, जिसमें सुनेत्रा पवार को पार्टी का नेता चुना जाएगा।भुजबल ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि यदि पार्टी औपचारिक रूप से सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुन लेती है, तो शनिवार को ही शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
भुजबल ने संवाददाताओं से कहा, "कई नेता चाहते हैं कि वह उपमुख्यमंत्री बनें।"अजित पवार के निधन के बाद 288 सदस्यीय राज्य विधानसभा में राकांपा के विधायकों की संख्या 40 रह गई है। वह पुणे जिले की बारामती विधानसभा सीट से विधायक थे।इस बीच, राकांपा में तेज राजनीतिक घटनाक्रम के चलते पार्टी और उसके प्रतिद्वंद्वी गुट राकांपा (शरद चंद्र पवार) के बीच संभावित विलय का मुद्दा फिलहाल ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है।
राकांपा नेताओं का कहना है कि इस समय प्राथमिकता विधायक दल के नेता और उपमुख्यमंत्री के पदों को भरने की है, जिसे अजित पवार संभाल रहे थें।नेताओं ने कहा कि दोनों गुटों के विलय पर फैसला अब पवार परिवार और राकांपा को करना है।
राकांपा (शरद चंद्र पवार) के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "मजबूत राकांपा और प्रभावी राजनीतिक विकल्प के लिए विलय समय की जरूरत है। बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी लेकिन अजित पवार के नहीं रहने से अब यह सवाल है कि अंतिम फैसला कौन लेगा।"भाजपा और राकांपा के अलावा महायुति में शिवसेना भी शामिल है।

