विपक्ष 11 साल में अपनी साख नहीं बना पाया, उनके लिए कौशल विकास कार्यक्रम चलाया जाए : नड्डा

नेशनल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
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राज्यसभा में बुधवार को सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा ने दावा किया कि विपक्ष 11 साल से अपनी कोई साख नहीं बना पाया है।

नयी दिल्ली, भाषा। राज्यसभा में बुधवार को सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा ने दावा किया कि विपक्ष 11 साल से अपनी कोई साख नहीं बना पाया है। उन्होंने यह सलाह भी दी कि कौशल विकास मंत्रालय में विपक्ष के लिए एक कौशल विकास कार्यक्रम नि:शुल्क चलाया जाना चाहिए। उच्च सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश किए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए सदन के नेता जे पी नड्डा ने कहा कि यह अभिभाषण अमृतकाल को प्रतिबिंबित करता है और देश की 150 करोड़ लोगों की आशाओं का घोषणापत्र है।

उन्होंने कौशल विकास मंत्री जयंत चौधरी को सुझाव दिया कि वह अपने मंत्रालय में विपक्ष के लिए कौशल सिखाने का कार्यक्रम शुरू करें तथा विपक्ष को भाजपा से सीखना चाहिए कि विपक्ष में रहकर कैसे विरोध करते हैं। नड्डा ने कहा, ‘‘मैंने (कांग्रेस सांसद) जयराम रमेश को बताया था कि हम 40 साल तक विपक्ष में रहे। विपक्ष का सबसे पहला काम होता है कि वह अपनी साख बनाये। आप (कांग्रेस) 11 साल में साख ही नहीं बना पाए।’’ उन्होंने हंसते हुए मंत्री जयंत चौधरी से कहा कि वह इस कार्यक्रम के लिए कोई फीस नहीं रखें।

उन्होंने कांग्रेस की ओर संकते करते हुए कहा, ‘‘यदि आपकी पार्टी कुछ अबोध लोगों की बंधक बन गयी है तो हम क्या कर सकते हैं?’’ नड्डा ने कहा कि पिछली सरकारों ने आतंकवाद के मामले में कुछ नरमी बरती किंतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के तहत भारत ने यह दिखा दिया कि वह घर के भीतर घुसकर मारने से पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि आज का भारत ‘न्यू नार्मल’ के साथ खड़ा है। उन्होंने उरी एवं पहलगाम हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान के भीतर घुसकर चलाए गए विभिन्न ऑपरेशन का हवाला दिया।

उन्होंने इस ‘न्यू नार्मल’ को स्पष्ट करते हुए कहा कि न्यूक्लियर ब्लेकमेल करना बंद करो, कोई न्यूक्लियर ब्लेकमेल नहीं चलगा। उन्होंने कहा कि दूसरी बात, आतंकवादियों को भाड़े का टट्टू नहीं माना जाएगा, सरकार का कृत्य माना जाएगा। ‘‘तीसरा, सीमा पर आतंकवाद को उचित जवाब मिलेगा, आतंकवादियों के साथ या ऐसे देश के साथ कोई बातचीत नहीं होगी तथा खून एवं पानी, एक साथ नहीं बहेगा।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने गरीबों के नाम पर बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया किंतु फिर भी गरीबों के बैंक खाते नहीं खुल पाये।

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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने जनधन खातों के माध्यम से गरीबों को बैंक में खाते खोलने का अवसर दिया। सदन के नेता ने कहा कि उनकी सरकार ने यह नहीं कहा कि वह गरीबी हटायेगी बल्कि उसने गरीबों का सशक्तिकरण कर उन्हें चार करोड़ पक्के घर दिये, 12 करोड़ पेयजल कनेक्शन दिये तथा 95 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की गयी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गरीबी हटाने की केवल बात करती थी इसलिए लोगों ने उसे ही (सत्ता से) हटा दिया।

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नड्डा ने कहा कि नीतिगत अपंगता के दौर से निकल कर हम सुधार, प्रदर्शन और रूपांतरण के दौर में पहुंच गये हैं। उन्होंने कहा कि देश आज अमृतकाल के दूसरे चरण में पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि देश को अगले 25 साल में विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करना है और इस लक्ष्य के लिए तेजी से बदलाव करने के संकेत राष्ट्रपति के अभिभाषण में मिलते हैं। उन्होंने कहा कि देश ने इस बात को देखा कि कितने विरोध के बावजूद देश में जीएसटी लागू किया गया तथा इसमें लगातार सुधार किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अब जीएसटी को दो स्लैब में कर दिया गया है और इसका लाभ आम आदमी को मिला तथा दामों में रियायत दी गयी।

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उन्होंने कहा कि सरकार के लिए सुधार साध्य नहीं साधन है क्योंकि सुधार की प्रक्रिया कभी रुक नहीं सकती, सदैव चलती रहती है। उन्होंने केंद्र सरकार के विकास कार्यों एवं पहल का जिक्र करते हुए वीबी जी राम जी अधिनियम का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य विकास आधारित रोजगार के अवसर सृजित करना है। नड्डा ने भारत एवं अमेरिका, भारत एवं यूरोपीय संघ, भारत एवं न्यूजीलैंड, भारत एवं ब्रिटेन के बीच व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने वाले व्यवसायियों, युवाओं और आईटी पेशेवरों के लिए विश्व के दरवाजे खुलेंगे। उन्होंने कहा कि रोजगार की बात करने वालों को देखना चाहिए कि इससे रोजगार के कितने अवसर खुलेंगे।

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