आदित्यनाथ ने संविधान को सराहा, कर्तव्यों के निर्वहन की आदत विकसित करने की अपील की

नेशनल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
On

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि संविधान देश की विशाल विविधता को एकता के सूत्र में पिरोने वाला दस्तावेज है।

लखनऊ, 26 नवंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि संविधान देश की विशाल विविधता को एकता के सूत्र में पिरोने वाला दस्तावेज है। वह लोक भवन में आयोजित संविधान दिवस समारोह में बोल रहे थे, जहां उन्होंने संविधान की प्रस्तावना का पाठ कराया और अधिकारियों व उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई। उन्होंने कहा, “हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और विशेषज्ञों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है कि हमारा संविधान दुनिया का सबसे बड़ा और भारत की विविधता को एक सूत्र में पिरोने वाला एक दस्तावेज है।” संविधान के शपथ ग्रहण से पहले भारत माता और डॉ. बी.आर. आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और एक लघु फिल्म दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मानित किया।

आदित्यनाथ ने लोगों में कर्तव्य की भावना विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हर कोई अधिकारों की बात करता है। लेकिन अधिकार तभी सुरक्षित रहते हैं जब व्यक्ति अपने कर्तव्यों को निभाने की आदत विकसित करता है। कर्तव्यों के बिना अधिकार अस्तित्व में नहीं रह सकते।” उन्होंने कहा, “जहां कर्तव्यों के बिना अधिकारों का दावा करने का प्रयास किया जाता है, वहां लोकतंत्र नहीं टिकता; तानाशाही आम नागरिकों के अधिकारों को कुचल देती है।” मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रत्येक व्यक्ति को दासता की मानसिकता से मुक्त होना चाहिए और सशस्त्र बलों तथा वर्दीधारी कर्मियों के प्रति सम्मान प्रदर्शित करना चाहिए।"

आदित्यनाथ ने व्यक्तियों के कार्यों के लिए संस्थाओं को दोष देने के विरुद्ध चेतावनी दी। उन्होंने कहा, "यदि एक व्यक्ति गलती करता है, तो पूरी व्यवस्था की निंदा नहीं की जानी चाहिए।" उन्होंने कहा कि लोग अक्सर निजी लाभ के लिए सामाजिक विभाजन को बढ़ाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रयास एकता और अखंडता की दिशा में होने चाहिए।" उन्होंने कहा कि संविधान का अनादर करना आंबेडकर, स्वतंत्रता सेनानियों और उन गरीबों का अनादर करने के समान है जिन्हें संविधान के कारण लोकतांत्रिक अधिकार प्राप्त हुए।

उन्होंने कहा, "प्रत्येक भारतीय परिवार के पास संविधान की एक प्रति होनी चाहिए और परिवारों को इसकी प्रस्तावना पढ़नी चाहिए।" आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य विधानमंडल के पिछले सत्र में शुरू हुई चर्चा के तहत, विकसित उत्तर प्रदेश बनाने को लेकर जनता से 98 लाख से ज़्यादा सुझाव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा, "राज्य के हर पांचवें परिवार ने सुझाव भेजे हैं। लोग शासन का हिस्सा बनना चाहते हैं।"इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक तथा कई मंत्री शामिल हुए।

Read More एएसपी ने थाना सिकंदराराऊ व चौकी सलेमपुर का औचक निरीक्षण किया

संबंधित समाचार