भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और महंगाई के खिलाफ माकपा की 'जन आक्रोश रैली'
इस रैली में शामिल लोगों ने तख्तियां ले रखी थीं जिनमें आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों, रसोई गैस और ईंधन की कमी सहित अन्य मुद्दों का जिक्र था।
नयी दिल्ली, भाषा। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और सरकार की विभिन्न नीतियों के विरोध में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने मंगलवार को रामलीला मैदान में 'जन आक्रोश रैली' की जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए।इस रैली में शामिल लोगों ने तख्तियां ले रखी थीं जिनमें आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों, रसोई गैस और ईंधन की कमी सहित अन्य मुद्दों का जिक्र था।
रैली को माकपा के महासचिव एम.ए. बेबी और सांसद अमराराम, तपन सेन, अशोक धवले, पार्टी के अन्य नेताओं सहित 'पोलितब्यूरो' के सदस्य संबोधित करेंगे।उन्होंने पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न भू-राजनीतिक तनाव का घरेलू आर्थिक स्थितियों पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी सवाल उठाए।
प्रदर्शनकारियों ने खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर भी चिंता जताई और कहा कि ये देशभर में आजीविका को प्रभावित कर रही हैं।माकपा ने चार श्रम संहिताओं की अधिसूचना को वापस लेने और हाल ही में लागू 'विकसित गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम को रद्द करने की भी मांग की।
वामपंथी दल ने यह भी कहा कि बिजली अधिनियम में संशोधन नहीं किया जाना चाहिए और बिजली वितरण कंपनियों का निजीकरण नहीं होना चाहिए। इसने बीज अधिनियम में संशोधन का भी विरोध किया।यह रैली जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में 27 फरवरी से 20 मार्च के बीच आयोजित 33 'जन आक्रोश जत्थों' के समापन पर की गई।

