‘सबका साथ, सबका विकास’ मोदी सरकार का नारा नहीं, विचारधारा है: नवीन जिंदल
उन्होंने लोकसभा में वित्त विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ सरकार का नारा नहीं, बल्कि विचारधारा है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र से लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘‘इस सरकार ने प्रतिकूल परिस्थितियों में देश को सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनाकर अपनी कुशलता का परिचय दिया है।’’जिंदल ने कहा, ‘‘हरियाणा और बिहार के विधानसभा चुनावों में जनता ने जीत दिलाकर यह सबित कर दिया है कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ हमारे के लिए कोई नारा नहीं, बल्कि विचारधारा है।’’
उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले चुनावों में भी जनता का समर्थन भाजपा को मिलता रहेगा।जिंदल ने कहा कि विपक्ष को समझना होगा कि यह विधेयक किसी दल के लिए नहीं, बल्कि देश के भविष्य के लिए है।उन्होंने कहा कि जब यह विधेयक पारित होगा तो देश के किसानों के खेतों में हरियाली आएगी, युवाओं को रोजगार मिलेगा।
जिंदल ने इस बात पर जोर दिया कि देश के विकास में निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है।उनका कहना था कि 80 प्रतिशत रोजगार निजी क्षेत्र के माध्यम से मिल रहा है।उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र सिर्फ लाभ कमाने का माध्यम नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त स्तंभ है।जिंदल ने कहा, ‘‘हमें निजी क्षेत्र के योगदान की सराहना करनी चाहिए।’

