मुरादाबाद नवरात्र से पहले खाद्य विभाग अलर्ट, दुकानदारों को सख्त चेतावनी
उपभोक्ताओं के लिए मुख्य सलाह एवं सावधानी बरतें कुट्टू का आटा खरीदते समय विशेष सावधानी रखें। कम मात्रा से शुरुआत में कम मात्रा का सेवन करें ताकि उसकी गुणवत्ता और शुद्धता की जांच हो सके।
नेशनल एक्सप्रेस, मुरादाबाद। उपभोक्ताओं के लिए मुख्य सलाह एवं सावधानी बरतें कुट्टू का आटा खरीदते समय विशेष सावधानी रखें। कम मात्रा से शुरुआत में कम मात्रा का सेवन करें ताकि उसकी गुणवत्ता और शुद्धता की जांच हो सके। पाचन के लिए सुझाव स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कुट्टू के साथ छाछ या दही का सेवन करें, जो पाचन में सहायक होता है। अन्य वस्तुएं मूंगफली और अन्य फलाहार वस्तुओं की खरीद में भी सावधानी बरतने को कहा गया है।
शिकायत और आपातकालीन संपर्क यदि किसी उपभोक्ता को आटे की गुणवत्ता में संदेह हो या मिलावट की आशंका हो, तो वे सीधे खाद्य विभाग को सूचित कर सकते हैं। सम्पर्क व्यक्ति: राजवंश श्रीवास्तव (सहायक खाद्य आयुक्त ग्रेड-2) मोबाइल नंबर: 9454468399
दुकानदारों को चेतावनी:
विभाग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि दुकानदार पुराना या मिलावटी कुट्टू का आटा न बेचें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जनपद में चैत्र नवरात्र के इस पर्व पर खाग सुरक्षा विभाग ने भारी सुरक्षा के साथ सुरक्षा बढ़ा दी है। आगामी चैत्र नवरात्र पर्व पर बेहद सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ मात्र कुटु की खड़ी मिगी की ही बिक्री अपने स्तर से सन्तुष्टि के बाद कि इसके रखरखाव में कोई रसायन पेस्टिसाइड प्रयुक्त नहीं हुआ है की बिक्री दुकानदार करेंगे।
खुले कुट्टू के आटे की बिक्री कत्तई नही करेंगे। क्योंकि प्रकाश के सम्पर्क में आने पर इसमें अफलाटॉक्सिन पैदा होते है जो कि विभिन्न अप्रिय स्थितियों के कारण बनते हैं। इसी प्रकार फंगस युक्त खराब मूंगफली को भी न ही बेचना है न ही सेवन करना है। सभी को जागरूक भी करना है कि कूटू के आटे से व्यक्ति विशेष को संवेदनशीलता हो सकती है अतः सर्वप्रथम 20 gm कूटू का आटा सेवन कर जाँच ले सब कुछ सामान्य रहने पर ही इससे बने पकवानों का सेवन करें अन्यथा नहीं।
कूटू के पकवानों के साथ दही, लस्सी या छाछ का प्रयोग करना चाहिए। खड़ी कूटू की मिगी खरीदकर धोकर सुखाकर तब पीसकर सेवन ही सुरक्षित है।कही भी गुणवत्ता विहीन खाद्य पदार्थो की बिक्री पाए जाने खाद्य विभाग को सूचित करेगे।कहीं पर भी फूड पॉइज़निंग की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की स्थानीय टीम निजी चिकित्सालयों में भी जाकर देखेंगे कि वास्तव में फूड पॉइजनिंग है या अन्य समस्याये है।

