राजस्थान मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के लाभार्थी देश के अन्य हिस्सों में भी करा सकेंगे मुफ्त इलाज
राजस्थान में लागू ‘मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (एमएए) योजना’ के लाभार्थी अब दूसरे राज्यों में भी नि:शुल्क उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को यह जानकारी दी।
जयपुर, भाषा। राजस्थान में लागू ‘मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (एमएए) योजना’ के लाभार्थी अब दूसरे राज्यों में भी नि:शुल्क उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को यह जानकारी दी। चिकित्सा विभाग ने बताया कि इस योजना में देश के 30 हजार से अधिक अस्पताल शामिल किये गए हैं जिससे प्रदेश के नागरिकों को दूसरे राज्यों में स्थित देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा। विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना लाभार्थियों के लिए 19 दिसंबर से दूसरे राज्यों में भी नि:शुल्क इलाज कराने की सुविधा की शुरुआत की गई है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया, ‘‘अब तक गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए कई मरीजों को गुजरात, दिल्ली जैसे अन्य राज्यों में जाकर इलाज कराना पड़ता था, जहां उन्हें इलाज का खर्च निजी तौर पर वहन करना पड़ता था। इसके मद्देनजर सरकार ने ‘आउटबाउंड पोर्टिबिलिटी’ व्यस्था लागू की है। इस नई व्यवस्था के तहत अब राजस्थान के पात्र परिवार प्रदेश के बाहर भी पैनल में शामिल अस्पतालों में नकद रहित इलाज प्राप्त कर सकेंगे।’’ उन्होंने बताया, ‘‘मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के सभी पात्र परिवारों को देश के अन्य राज्यों में 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध होगा।’’
राठौड़ ने बताया कि योजना के तहत देश के विभिन्न राज्यों (तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर) में स्थित लगभग 16 हजार सरकारी और 14 हजार निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी। इसमें पड़ोसी राज्यों के प्रमुख अस्पताल भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली के 184, गुजरात के 2067, हरियाणा के 1366, मध्य प्रदेश के 1622, महाराष्ट्र के 1709, पंजाब के 823 और उत्तर प्रदेश के 6182 अस्पताल इस योजना में सूचीबद्ध हैं। राठौड़ के मुताबिक इसमें दिल्ली एवं भोपाल के एम्स, मेदांता, चंडीगढ़ का पीजीआई, लखनऊ का केएमपीयू, गुजरात के यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर, द गुजरात कैंसर एंड रिसर्च सेंटर, बनास मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, पालनपुर सहित कई प्रतिष्ठित अस्पताल शामिल हैं।
राजस्थान राज्य स्वास्थ्य बीमा एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने बताया कि वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1.36 करोड़ पात्र परिवारों को 25 लाख रुपये तक का नकद रहित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना में करीब 2200 प्रकार के उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें सामान्य रोगों से लेकर कैंसर, हृदय रोग, गुर्दा रोग, अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर और खर्चीली बीमारियों का इलाज संभव है।उन्होंने बताया कि विगत दो वर्ष में योजना के तहत 37 लाख से अधिक मरीजों को 7100 करोड़ रुपये से अधिक का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है।

