नाइटक्लब अग्निकांड पर बयान की मांग को लेकर गोवा विधानसभा में हंगामा
गोवा विधानसभा में सोमवार को शीतकालीन सत्र के पहले दिन विपक्षी विधायकों ने राज्यपाल पी अशोक गजपति राजू के संबोधन में व्यवधान डालते हुए नाइटक्लब अग्निकांड पर उनसे बयान की मांग की जिसके बाद सदन में हंगामा खड़ा हो गया।
पणजी, भाषा। गोवा विधानसभा में सोमवार को शीतकालीन सत्र के पहले दिन विपक्षी विधायकों ने राज्यपाल पी अशोक गजपति राजू के संबोधन में व्यवधान डालते हुए नाइटक्लब अग्निकांड पर उनसे बयान की मांग की जिसके बाद सदन में हंगामा खड़ा हो गया। आसन के निकट पहुंचे विपक्ष के सभी सात सदस्यों को सुरक्षाकर्मियों द्वारा बाहर निकाल दिया गया। शीतकालीन सत्र की शुरुआत पर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और विपक्ष के नेता युरी अलेमाव ने राज्यपाल का स्वागत किया।
जब राज्यपाल सदन को संबोधित करने के लिए खड़े हुए तो अलेमाव ने मांग की कि वह दिसंबर के पहले सप्ताह में अरपोरा गांव स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में लगी आग की घटना पर बयान दें। अलेमाव ने कहा, “राज्यपाल का पूरा सम्मान करते हुए हम उनसे आग्रह करते हैं कि वे अपने भाषण की शुरुआत नाइटक्लब अग्निकांड के उल्लेख से करें। राज्य में 25 लोगों की हत्या हुई है।” इस दौरान मुख्यमंत्री सावंत ने हस्तक्षेप करते हुए उन्हें बैठने को कहा। विपक्ष के नेता ने इस त्रासदी के लिए सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की। इस पर सावंत ने अलेमाव से “सदन की मर्यादा और प्रोटोकॉल बनाए रखने” को कहा।
विधानसभा अध्यक्ष गणेश गावकर ने भी उनसे बैठने का आग्रह किया, लेकिन अलेमाव बोलते रहे। इसके बाद कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) और रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी (आरजीपी) के सभी सात विपक्षी विधायक तख्तियां लेकर आसन के निकट आ गए और “शर्म करो, शर्म करो” के नारे लगाए। राज्यपाल ने हंगामे के बीच अपना संबोधन जारी रखा, जबकि सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शन कर रहे विपक्षी विधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया। गोवा विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 जनवरी को समाप्त होगा।

