डिजिटल गिरफ्तारी जैसी घटनाओं के प्रति जागरूकता के लिये पुलिस ने नाना पाटेकर के साथ फिल्म बनाई

नेशनल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
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यह फिल्म, जो उप्र पुलिस के साइबर सुरक्षा पर लगातार जन जागरूकता अभियान का हिस्सा है, सीधे कानपुर की घटना से प्रेरित है।

लखनऊ, भाषा। उत्तर प्रदेश के कानपुर की डिजिटल गिरफ्तारी की एक असल घटना को ध्यान में रखते हुये लोगों को जागरुक करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस ने अनुभवी सिने अभिनेता नाना पाटेकर के साथ एक छोटी जागरूकता फिल्म बनाई है दरअसल, कानपुर की घटना में एक जागरूक नागरिक ने "डिजिटल गिरफ्तारी" की कोशिश कर रहे साइबर धोखेबाजों को उन्हीं के जाल में फंसाकर उनसे पैसे वसूल लिए थे।यह फिल्म, जो उप्र पुलिस के साइबर सुरक्षा पर लगातार जन जागरूकता अभियान का हिस्सा है, सीधे कानपुर की घटना से प्रेरित है,

जिसमें कानून प्रवर्तन अधिकारी बनकर धोखेबाजों ने एक आदमी को पैसे ट्रांसफर करने के लिए डराने की कोशिश की थी।धोखाधड़ी को भांपते हुए, उस आदमी ने धोखेबाजों को मात दी, उनके झांसे का पर्दाफाश किया और घोटाले को उल्टा कर दिया - एक ऐसी घटना जिसने यह दिखाया कि जागरूकता और समझदारी से साइबर अपराधियों को कैसे हराया जा सकता है।

इसी घटना को दर्शाते हुए, यह छोटी फिल्म दिखाती है कि नाना पाटेकर एक आम, सतर्क नागरिक की भूमिका निभा रहे हैं जो धमकी भरे कॉल का सामना करने पर घबराता नहीं है। इसके बजाय, वह धोखेबाज से बात करता है, शांति से समझाता है कि "डिजिटल गिरफ्तारी" जैसी कोई चीज़ नहीं होती है, और यह संदेश देता है कि डर ही साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार है।

अधिकारियों ने एक बयान में बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा साइबर अपराध पर प्रभावी रोकथाम किए जाने के निर्देश दिए गए थे।पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में बनी इस फिल्म का मकसद नागरिकों को उभरती हुई साइबर धोखाधड़ी की तकनीकों, खासकर नकली पुलिस अधिकारियों, वीडियो कॉल, धमकी और ऑनलाइन भुगतान की मांगों से जुड़े घोटालों से परिचित कराना है। इसका निर्देशन प्रख्यात फिल्म निर्देशक राज शांडिल्य ने किया है ।

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उक्त लघु फिल्म के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई वैधानिक प्रक्रिया अस्तित्व में नहीं है, तथा किसी भी प्रकार की डराने-धमकाने वाली कॉल, वीडियो कॉल अथवा ऑनलाइन भुगतान की मांग साइबर ठगी का संकेत हो सकती है ।यह लघु फिल्म उत्तर प्रदेश पुलिस के समस्त सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित की गई है ।इससे पहले, महाकुंभ 2025 के दौरान आमजन को होटल बूकिंग घोटाले से सतर्क करने के लिये अभिनेता शशि वर्मा अभिनीत लघु फिल्म* का प्रसारण किया गया था।

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