कविता की पार्टी के पंजीकरण आवेदन पर विचार करें: अदालत का चुनाव आयोग को निर्देश
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग से कहा कि वह भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की पूर्व नेता के. कविता की उस याचिका पर विचार करे।
नयी दिल्ली, भाषा। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग से कहा कि वह भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की पूर्व नेता के. कविता की उस याचिका पर विचार करे जिसमें उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी “तेलंगाना प्रजा जागृति” के पंजीकरण का अनुरोध किया है।चुनाव आयोग के वकील ने कहा कि कविता के आवेदन पर जल्द से जल्द निर्णय लिया जाएगा।
कविता के वकील ने कहा कि 23 फरवरी को निर्वाचन आयोग ने पंजीकरण संबंधी आवेदन में जो खामियां बताई थीं उन्हें दूर कर लिया गया है।न्यायालय ने आदेश दिया, ‘‘वर्तमान याचिका का निपटरा करते हुए चुनाव आयोग से कहा जाता है कि वह याचिकाकर्ता द्वारा दायर आवेदन पर विचार करे।’’
याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया जाए कि वह आवेदन पर चार सप्ताह के भीतर निर्णय ले, क्योंकि तेलंगाना में स्थानीय निकाय चुनावों की अधिसूचना अप्रैल में जारी होने वाली है।
हालांकि अदालत ने कहा कि वह निर्वाचन आयोग को कोई समयसीमा नहीं दे रही है। निर्वाचन आयोग की ओर से पेश वकील संजय वशिष्ठ ने कहा कि आयोग पूरे देश में चुनाव करा रहा है और उन्होंने याचिकाकर्ता के आवेदन पर विचार के लिए समयसीमा तय करने के अनुरोध का विरोध किया।
उच्च न्यायालय में अपनी याचिका में, कविता ने चुनाव आयोग को यह निर्देश देने की मांग की कि वह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत तेलंगाना प्रजा जागृति के पंजीकरण के लिए दिनांक 23 जनवरी को दिए गए उनके आवेदन का शीघ्रता से और समयबद्ध तरीके से निपटारा करे।
कविता को सितंबर 2025 में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) से निलंबित कर दिया गया था, जिसकी स्थापना उनके पिता और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने की थी। यह निलंबन तब हुआ जब उन्होंने अपने चचेरे भाइयों और पार्टी नेताओं टी हरीश राव और जे संतोष कुमार पर कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना को लेकर अपने पिता की छवि को "खराब" करने का आरोप लगाया था।
इसके बाद उन्होंने जल्द ही बीआरएस से अपने इस्तीफे की घोषणा की और कहा कि वह राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव अपने स्वयं के राजनीतिक मंच के तहत लड़ेंगी।बीआरएस से निलंबन के बाद से, कविता तेलंगाना जागृति के बैनर तले सार्वजनिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

