अदालत ने केंद्र को दिया यूएई में सेलिना जेटली के भाई की हिरासत के मामले में कार्रवाई का समय

नेशनल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार और अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास को कूटनीतिक माध्यमों से प्रयास करने तथा संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों से खाड़ी देश में अभिनेत्री सेलिना जेटली के भाई मेजर विक्रांत जेटली (सेवानिवृत्त) की हिरासत से जुड़े मामले में सहयोग प्राप्त करने के लिए मंगलवार को समय प्रदान किया।

नयी दिल्ली, भाषा। दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार और अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास को कूटनीतिक माध्यमों से प्रयास करने तथा संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों से खाड़ी देश में अभिनेत्री सेलिना जेटली के भाई मेजर विक्रांत जेटली (सेवानिवृत्त) की हिरासत से जुड़े मामले में सहयोग प्राप्त करने के लिए मंगलवार को समय प्रदान किया। केंद्र के वकील ने न्यायमूर्ति पुरुषैन्द्र कुमार कौरव को बताया कि दूतावास ने 13 फरवरी को विक्रांत जेटली से मिलने के लिए राजनयिक पहुंच का अनुरोध किया था, जिसे यूएई के अधिकारियों ने अस्वीकार कर दिया था, और ऐसी बैठक के लिए अगली तारीख का इंतजार है।

केंद्र के वकील ने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास को इस मामले में आवश्यक सहयोग प्राप्त करने के लिए तीन से चार सप्ताह का समय देने का अनुरोध किया। अदालत ने कहा, ‘‘ अनुरोध उचित प्रतीत होता है। इसलिए, सुनवाई स्थगित की जाती है।’’ उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘ यह मंत्रालय की निष्क्रियता का मामला नहीं है… 10-15 दिनों में कुछ नहीं बदलेगा। मंत्रालय का कहना है कि हमें तीन से चार सप्ताह का समय दें ताकि हम कुछ ठोस कार्रवाई कर सकें।’’ अदालत सेलिना जेटली द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने अपने भाई के लिए प्रभावी कानूनी प्रतिनिधित्व की मांग की थी, जिन्हें छह सितंबर, 2024 से संयुक्त अरब अमीरात में ‘‘अवैध रूप से अगवा करके हिरासत में’’ रखा गया है।

विक्रांत जेटली की पत्नी ने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें मामले में पक्षकार बनाया जाए ताकि वह अपनी ननद द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब दे सकें। उन्होंने न्यायाधीश को एक नोट प्रस्तुत किया जिसमें मामले से संबंधित जानकारी को रिकॉर्ड में शामिल करने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने याचिकाकर्ता को नोट का जवाब देने की अनुमति दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि वह इसे पारिवारिक मामला नहीं बनाएगी और अगली सुनवाई मार्च में तय की।

इससे पहले, केंद्र के वकील ने कहा था कि भारतीय अधिकारी विक्रांत जेटली के साथ नियमित संपर्क में हैं, जिन्होंने अपनी बहन से बातचीत करने से इनकार कर दिया है। याचिका में सेलिना ने कहा कि उनका भाई 2016 से यूएई में रह रहा है और मैटीटी ग्रुप में कार्यरत था, जो व्यापार, परामर्श और जोखिम प्रबंधन सेवाएं प्रदान करता है। हालांकि, याचिका में आरोप लगाया गया है कि एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद, विदेश मंत्रालय जेटली के बारे में बुनियादी जानकारी प्राप्त करने में विफल रहा है।

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