गांधी मुझे ‘बदनाम करने के लिए अभियान’’ चला रहे हैं: पुरी ने एप्स्टीन से मुलाकात पर कहा

नेशनल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने उनके खिलाफ ‘‘परोक्ष रूप से आरोप लगाने’’ के लिए बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा कि उनकी मुलाकात जेफ्री एप्स्टीन से ‘‘कुछ मौकों पर’’ हुई थी, लेकिन उसके साथ हुई बातचीत का उन अपराधों से कोई लेना-देना नहीं था।

नयी दिल्ली, भाषा। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने उनके खिलाफ ‘‘परोक्ष रूप से आरोप लगाने’’ के लिए बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा कि उनकी मुलाकात जेफ्री एप्स्टीन से ‘‘कुछ मौकों पर’’ हुई थी, लेकिन उसके साथ हुई बातचीत का उन अपराधों से कोई लेना-देना नहीं था जिनमें अमेरिकी यौन अपराधी शामिल था। पुरी का स्पष्टीकरण गांधी के उस दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्रीय मंत्री का नाम अमेरिका में जारी ‘एप्स्टीन फाइल्स’ में भी सामने आया है।

पुरी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजदूत के रूप में इस्तीफा देने के कुछ महीनों बाद, मुझे अंतरराष्ट्रीय शांति संस्थान (आईपीआई) में शामिल होने का निमंत्रण मिला। मैं आईपीआई का अभिन्न अंग नहीं था। मैं आईपीआई में एक परियोजना के रूप में स्थापित बहुपक्षवाद संबंधी स्वतंत्र आयोग (आईसीएम) का महासचिव था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आईपीआई में मेरे बॉस टेर्जे रोड-लार्सन कुख्यात व्यक्ति एप्स्टीन को जानते थे और आईपीआई या आईसीएम के प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में ही मेरी एप्स्टीन से कुछ मौकों पर, तीन या अधिकतम चार बार मुलाकात हुई थी।’’

पुरी ने कहा कि आईसीएम अंतरराष्ट्रीय और विषयगत मुद्दों से निपट रहा था और एप्स्टीन इसका हिस्सा नहीं था। उन्होंने कहा कि एप्स्टीन पर कई अपराधों का आरोप था और यह भी आरोप था कि उसके पास एक द्वीप था जहां वह लोगों को उनकी ‘‘यौन जरूरतों’’ को पूरा करने के लिए ले जाता था। उन्होंने कहा, ‘‘इसके पीड़ित भी हैं। इन पीड़ितों ने अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज कराए हैं।’’ पुरी ने इस बात पर जोर दिया कि एप्स्टीन के साथ उनकी बातचीत का ‘‘इससे कोई लेना-देना नहीं था’’ पुरी ने कहा कि उन्होंने पिछले साल गांधी को एक ‘‘नोट’’ भेजकर इस बारे में सूचित किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले साल 26 नवंबर को संविधान दिवस के मौके पर मैं पुराने संसद भवन के केंद्रीय हॉल में उपस्थित था। (संविधान दिवस के उपलक्ष्य में) आयोजित कार्यक्रम की समाप्ति के बाद, वह (राहुल गांधी) मेरे पास आए औ र अपने खास अंदाज में मुझे आंख मारी।’’ मंत्री ने कहा, ‘‘मुझे भी हंसी आ गई... उन्होंने (राहुल गांधी) कहा, ‘आपका नाम दिलचस्प जगह पर आया है।’ मैंने उनसे पूछा, क्या आप तथ्य जानना चाहते हैं? क्या आप इस पर कोई नोट चाहते हैं? तो मैंने उन्हें इस बारे में जानकारी भेज दी।’’ पुरी ने गांधी पर अब ‘‘मूर्खतापूर्ण’’ व्यवहार करने का आरोप लगाया और पत्रकारों से कहा, ‘‘इस तरह के इशारों और मेरे खिलाफ चलाये गये अभियान ने मुझे आप लोगों से बात करने और आपके सामने तथ्य रखने का अवसर दिया है।’’

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उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने 13 नवंबर, 2014 को लिंक्डइन के संस्थापक रीड हॉफमैन को एक ईमेल भेजा था, जिसकी एक प्रति एप्स्टीन को भी भेजी गई थी, जिसमें उन्होंने यह विचार व्यक्त किया था कि भारत इंटरनेट-आधारित आर्थिक गतिविधि के लिए एक ‘‘शानदार अवसर’’ पेश करता है। अपने ईमेल के अंश पढ़ते हुए मंत्री ने कहा कि उन्होंने हॉफमैन को भारत में हो रहे बदलावों को देखने के लिए वहां आने का सुझाव भी दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक लंबा ईमेल है। अगर किसी को इसकी प्रति चाहिए, तो यह इंटरनेट पर उपलब्ध है। यही एकमात्र महत्वपूर्ण ईमेल है। इसके अलावा एक-दो और भी हैं। मैं आपको दे दूंगा।’’

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