प्रधानमंत्री के जवाब के बिना लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पारित, कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

नेशनल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
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लोकसभा में पिछले चार दिन से जारी गतिरोध की स्थिति बृहस्पतिवार को भी बनी रही और सदन में विपक्ष के हंगामे के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जवाब के बिना मंजूरी दे दी गई।

नयी दिल्ली, भाषा। लोकसभा में पिछले चार दिन से जारी गतिरोध की स्थिति बृहस्पतिवार को भी बनी रही और सदन में विपक्ष के हंगामे के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जवाब के बिना मंजूरी दे दी गई। वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कल कांग्रेस के कई सदस्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सीट के पास पहुंचकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे, इसलिए उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री सदन में नहीं आए। सदन की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

संसद के दोनों सदनों की बैठक में 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दिए गए अभिभाषण पर सोमवार को शुरू हुई चर्चा में भाग लेते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण के हवाले से चीन के साथ टकराव का मुद्दा उठाने का प्रयास किया, लेकिन अध्यक्ष बिरला ने नियमों का हवाला देते हुए इसकी अनुमति नहीं दी। इस मुद्दे पर सदन में गतिरोध बना हुआ है और आसन के समीप कागज उछालने और आसन की गरिमा को ठेस पहुंचाने के मामले में कांग्रेस के आठ और एक माकपा सदस्य को संसद के वर्तमान सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर कहा, ‘‘सदन में कल जो घटना हुई, जिस तरह से विपक्ष के सदस्य सत्तापक्ष की तरफ पहुंचे... यह सदन की मर्यादा के अनुकूल नहीं है। सदन की मर्यादा बनाए रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है।’’ इसके बाद, उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। बैठक दोपहर 12 बजे जब दोबारा शुरू हुई तो अध्यक्ष बिरला ने आसन के समीप प्रदर्शन कर रहे विपक्ष के सांसदों को बैनर नहीं दिखाने को कहा।

शोर-शराबे के बीच ही उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को पारित करने के लिए सदन के समक्ष रखा। हंगामे के बीच ही सदन ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को पारित कर दिया। धन्यवाद प्रस्ताव पारित होने के बाद, दोपहर 12 बजकर पांच मिनट पर सदन की बैठक अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी गई। अपराह्न दो बजे कार्यवाही फिर शुरू होने पर विपक्षी सदस्य अपने-अपने स्थान पर खड़े होकर नारे लगाने लगे। पीठासीन सभापति संध्या राय ने कुछ मिनट बाद ही सदन की कार्यवाही अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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तीन बजे बैठक पुन: शुरू होने पर बिरला ने कहा, ‘‘सदन के नेता (प्रधानमंत्री मोदी) को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर कल जवाब देना था। मेरे पास ऐसी पुख्ता जानकारी आई कि कांग्रेस पार्टी के कई सदस्य नेता सदन की सीट पर पहुंचकर किसी भी अप्रत्याशित घटना को अंजाम दे सकते थे। मैंने यह दृश्य सदन में देखा भी। अगर ऐसी घटना हो जाती तो यह अत्यंत अप्रिय दृश्य देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को तार-तार कर देता।’’

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बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनके आग्रह पर बुधवार को सदन में नहीं आकर लोकसभा को अप्रिय दृश्य से बचाया और इसके लिए वह प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं। बिरला ने कहा, ‘‘कल की घटना देश ने देखी है कि किस तरह महिला सदस्य वहां (प्रधानमंत्री के बैठने के स्थान) तक पहुंची हैं। यह किसी तरह उचित नहीं था।’’

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उन्होंने यह भी कहा कि बुधवार को विपक्ष के कुछ सदस्यों ने उनके चैंबर में आकर जिस तरह का व्यवहार किया, वैसा लोकसभा की शुरुआत से लेकर आज तक कभी नहीं हुआ और यह दृश्य एक ‘काले धब्बे’ की तरह था। इस दौरान कुछ विपक्षी सांसदों से नाराजगी जताते हुए बिरला ने कहा, ‘‘अगर आप पोस्टर और पैम्पलेट लेकर यहां आएंगे तो सदन नहीं चलेगा। आज भी नहीं चलेगा, कल भी नहीं चलेगा।’’ इसके बाद उन्होंने कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

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