मुरादाबाद : गाँधी नगर पब्लिक स्कूल में पीएम नरेन्द्र मोदी के द्वारा परीक्षा पे चर्चा विषय पर नवां संस्करण में आयोजित

नेशनल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
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छात्रों से संवाद का सीधा प्रसारण के लिये विशेष व्यवस्था के साथ 2 बड़े स्क्रीन पर यहां लाइव प्रसारण बच्चों को दिखाया गया।

नेशनल एक्सप्रेस, मुरादाबाद। छात्रों से संवाद का सीधा प्रसारण के लिये विशेष व्यवस्था के साथ 2 बड़े स्क्रीन पर यहां लाइव प्रसारण बच्चों को दिखाया गया। विद्यालय के बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने वाले दसवीं और बारहवीं कक्षा के सभी छात्र-छात्राओं के साथ-साथ कक्षा-9 व कक्षा-11 के लगभग 450 छात्र-छात्राओं व 55 अध्यापक,अध्यापिकाओं ने इस अवसर का लाभ उठाया और बड़े ध्यान से मोदी जी की बातों को सुना और प्रेरणा हासिल की,

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कि हमें किस तरह से अपने बोर्ड परीक्षा 2026 के तनाव व घबराहट को कम करके अपने रिजल्ट को बेहतर बना सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 'खुश रहना और परीक्षा शुरू होने से पहले चुटकुले सुनना सुनाना जरूरी है, जब आप परीक्षा हॉल में बैठे तो कुछ मिनट मेडिटेशन करते हुए गहरी सांस लें। परीक्षा के दिनों में सामान्य रहे, किसी भी तरह के तनाव को अपने ऊपर हावी न होने दे। परीक्षा देते समय ऑपशनल प्रश्नों का चुनाव व समय निर्धारण का अच्छे से ध्यान रखें।

आजकल कम्प्यूटर, मोबाइल व लैपटॉप के कारण बच्चों में लिखने की आदत कम हो गई है तो घर पर लिख-लिखकर उत्तर देखे और बार-बार उनको पड़े। छात्रों ने अन्य प्रश्न पूछा कि व्यायाम के साथ-साथ पढ़ाई का समन्वय कैसे स्थापित करे पर प्रधानमंत्री जी ने कहा जैसे मोबाइल को रिचार्ज करना पड़ता है वैसे ही शरीर को व्यायाम, स्पोर्टस व मेडीटेशन रिचार्ज करता है। हमें शारीरिक स्वास्थ्य को पहली प्राथमिकता देनी चाहिए।

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कुछ बच्चे घरों की छत पर टहल-टहल कर पढ़ते है तो पढ़ाई के साथ-साथ व्यायाम भी हो जाता है तथा सूर्यप्रकाश जो बहुत जरूरी है वह भी मिल जाता है। संतुलित आहार व पर्याप्त नींद लेना भी उतना ही जरूरी है।अन्य टिप्स देते हुए प्रधानमंत्री जी ने बच्चों से कहा कि विद्यार्थी डिजिटल फास्टिंग के जरिए तकनीक का सही प्रयोग करें। दूसरे के बजाय खुद से प्रतिस्पर्धा करें परीक्षा को उत्सव की तरह मनायें। निडर लीडर बनने के लिये इच्छा शक्ति बहुत जरूरी है।

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लीडर वहीं होता है जो ठान लें वो पक्का करके दिखाये। हमें प्रतियोगिताओं से सीखना चाहिये पर ईर्ष्या के साथ प्रतिस्पर्धा कभी नहीं करनी चाहिए। आत्म-विश्वास सभी भय पर विजय प्राप्त करता है। देखें समझे और स्वयं में सुधार करना ही हमारा प्रथम लक्ष्य होना चाहिए। हर चर्चा का उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी की बात को ध्यान से सुनना और विद्यार्थी को निर्डर होकर समस्त परीक्षाओं को सही तरीके करना चाहिए।

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अपने अध्यापकों के अलावा बच्चे अपने मित्रों से भी प्रश्नों को समझे।प्रधानमंत्री ने अभिभावकों से निवेदन किया कि वह भी अपने बच्चों पर पढ़ाई के लिये विशेष दवाब न डाले, दूसरे के बच्चों से अपने बच्चे की तुलना न करें, परीक्षा के दिनों में उनसे सामान्य व्यवहार रखे, ज्यादा उनके खाने, कपड़े, पेन-पेन्सिल आदि का विशेष ध्यान देंगे तो बच्चा तनाव महसूस करेगा।

 

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