जशने दस्तार किरात व फज़ीलत, उलेमा-ए-इकराम ने इल्म पर डाली रौशनी
रविवार को मदरसा जामिया तुल बनात फैज़ाने इमाम ए आज़म नई बस्ती फूल बाग कस्बा भोजपुर में लड़कियों को आलिमा बनने के मोके पर दस्तारबंदी का एक अजीमुश्शान इजलास मुनाकिद हुआ।
नेशनल एक्सप्रेस, मुरादाबाद (फहीम अंसारी)। रविवार को मदरसा जामिया तुल बनात फैज़ाने इमाम ए आज़म नई बस्ती फूल बाग कस्बा भोजपुर में लड़कियों को आलिमा बनने के मोके पर दस्तारबंदी का एक अजीमुश्शान इजलास मुनाकिद हुआ जिसमें नात ए रसूल कारी रहमत परवाज़ ने पढ़ी और बयान मौलाना अजमल अहमदी ने और मुफ़्ती हनीफ मिस्बाही ने किया। मुफ्ती हनीफ साहब ने इल्म हासिल करने और तलाक़ देने का रिवाज ख़त्म करने के बारे में और मा-बाप कि खिदमत करने के बारे में समझाया।
उलेमा-ए-किराम ने बताया कि रमज़ान इबादतों का पाक माह है इस माह में अल्लाह अपने बन्दों पर खास रहमतें फरमाता है। इस मुबारक महीने में हमें विशेष रूप से अल्लाह को राजी करना चाहिए। रमजान के महीने में ही कुरान शरीफ नाजिल हुआ। इस अवसर पर बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत की जिसमें मदरसे के नाज़िमे आला मुफ्ती नाज़िरुल कादरी और मुफ्ती मुहम्मद रज़ा,कारी तस्लीम,मौलाना यामीन,मौलाना राशिद व दीगर ओलामा मौजूद रहे।
दस्तार से फारिग होने वाली आलिमा फाज़िला महक, फातिमा आज़मी कुंदरकी, कारिया फिज़ा, फातिमा आज़मी भोजपुर, महरीन फातिमा,रुशदा फातिमा,समरीन फातिमा,इल्मा फातिमा,शम्ऐ हरम फातिमा,आयत नूर फातिमा,शिफा नूर फातिमा,हस्सान रज़ा आदि।

