मुरादाबाद : जशने खत्मे बुखारी शरीफ मुकम्मल, कल होगा दस्तार ए बंदी का प्रोग्राम 

नेशनल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
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शनिवार को मदरसा जामिया तुल बनात फैज़ान ए इमामे आज़म न‌ई बस्ती फूल बाग कस्बा भोजपुर मुरादाबाद समें ख़त्मे बुखारी शरीफ कि शक्ल में एक मञॅ महफ़िल मुनाकिद हुई।

नेशनल एक्सप्रेस, मुरादाबाद (फहीम अंसारी)। शनिवार को मदरसा जामिया तुल बनात फैज़ान ए इमामे आज़म न‌ई बस्ती फूल बाग कस्बा भोजपुर मुरादाबाद समें ख़त्मे बुखारी शरीफ कि शक्ल में एक मञॅ महफ़िल मुनाकिद हुई जिसमें बुखारी शरीफ़ की आखिरी हदीस का दरस मुफ्ती इश्तियाक उल क़ादरी जामिया फारुकिया अजीजुल उलूम ने दिया मुफ्ती साहब ने बताया के क़ुरआन के बाद सबसे बड़ी किताब बुखारी शरीफ़ है।

जिसमें हमारे नबी की बातें लिखी हुई हैं। उलेमा-ए-किराम व आइम्मा ए किराम तशरीफ़ लाऐ। महफ़िल का आग़ाज़ क़ुरान शरीफ़ की तिलावत से हुआ और नाते रसूल पढ़ी गई जिसमें मदरसे के नाज़िमे आला मुफ्ती नाज़िरुल कादरी और मुफ्ती मुहम्मद रज़ा,मुफ्ती राहत न‌ईमी,मौलाना आज़म,मौलाना अजमल,कारी फिरासत आदि।

फज़ीलत से फारिग होने वाली आलिमा फाज़िला महक,फातिमा आज़मी कुंदरकी,किरात से फारिग होने वाली कारिया फिज़ा फातिमा आज़मी भोजपुर,ख़त्मे क़ुरान से फारिग होने वाली महरीन फातिमा,रुशदा फातिमा,समरीन फातिमा,इल्मा फातिमा,शम्ऐ हरम फातिमा,आयत नूर फातिमा,शिफा नूर फातिमा,हस्सान रज़ा रहे।

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