गुम हो रही बच्चियों और यूसीसी के ‘लिव इन’ प्रावधान के बीच के संबंध की जांच कराएं धामी: गोदियाल

नेशनल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
On

कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस बात की जांच कराने को कहा कि कहीं प्रदेश में बड़ी संख्या में बच्चों खासकर बच्चियों के लापता होने का संबंध समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के सह जीवन (‘लिव-इन’) प्रावधान से तो नहीं है।

देहरादून, भाषा। कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस बात की जांच कराने को कहा कि कहीं प्रदेश में बड़ी संख्या में बच्चों खासकर बच्चियों के लापता होने का संबंध समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के सह जीवन (‘लिव-इन’) प्रावधान से तो नहीं है।गोदियाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कहा, “एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड में हर साल लगभग 1200 बच्चे, खासकर बच्चियां लापता हो रही हैं।

यह औसतन करीब तीन बच्चे प्रतिदिन है और बरामदगी भी बहुत कम है।” कांग्रेस नेता ने रिपोर्ट के हवाले से यह भी दावा किया कि अन्य पहाड़ी राज्यों की सूची में उत्तराखंड इस प्रकार की घटनाओं के मामले में पहले पायदान पर है।  गोदियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री की पत्नी गीता धामी एक वीडियो में यूसीसी और ‘लिव-इन’ प्रावधान की बात कह रही है। उन्होंने कहा, “एक ओर महिला और बाल सुरक्षा का हमारे प्रदेश में यह हाल है और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री की पत्नी रो-रोकर इस बात को कह रही हैं कि राज्य के मुख्य सेवक ने एक दिन भी छुटटी नहीं ली। धामी जी द्वारा किए गए उम्दा कार्यों में उन्होंने यूसीसी का जिक्र किया और ‘लिव-इन’ के विषय में बनाए गए नियमों की पैरवी की।”

प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि वह चाहते हैं कि मुख्यमंत्री इस बात की जांच करवाएं कि बच्चियों के गुम होने और यूसीसी के ‘लिव-इन’ प्रावधान का कोई संबंध तो नहीं ताकि सच्चाई स्पष्ट हो सके और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके । उन्होंने कहा, “मेरी चिंता यह है कि चूंकि ‘लिव-इन’ को वैधानिक जामा पहना दिया गया है, इसलिए कहीं ऐसा तो नहीं कि अपराधियों की अपराध करने की मंशा में इजाफा हो गया हो और उसका शिकार हमारे प्रदेश की बच्चियां बन रही हों।” गोदियाल ने उम्मीद जताई, “हमारी बहन और आपकी (धामी की) धर्मपत्नी ने यह मुददा उठाया है, इसलिए इस पर आप अवश्य ध्यान देंगे।”

संबंधित समाचार