‘एआई इंपैक्ट समिट’ में कम से कम 20 देशों के शीर्ष नेता हिस्सा लेंगे
अधिकारियों ने बताया कि यह शिखर सम्मेलन तीन प्रमुख विषयों-लोग, ग्रह और प्रगति-पर आधारित होगा तथा एआई पर सहयोग के लिए भारत के दृष्टिकोण को परिभाषित करेगा।
नयी दिल्ली, भाषा। राष्ट्रीय राजधानी में रविवार से शुरू हो रहे पांच दिवसीय ‘एआई इंपैक्ट समिट’ के दौरान अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के लोकतंत्रीकरण और ‘ग्लोबल साउथ’ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की सुलभ एवं किफायती उपलब्धता सुनिश्चित करने के तरीके तलाशने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि यह शिखर सम्मेलन तीन प्रमुख विषयों-लोग, ग्रह और प्रगति-पर आधारित होगा तथा एआई पर सहयोग के लिए भारत के दृष्टिकोण को परिभाषित करेगा।उन्होंने बताया कि सम्मेलन में दुनिया के विभिन्न देशों के शीर्ष नेता, नीति निर्माता, नवोन्मेषक और विशेषज्ञ कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य के मार्ग पर विचार-विमर्श के लिए एकत्र होंगे।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जिन नेताओं ने शिखर सम्मेलन में अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है, जिनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज पेरेज-कास्टेजोन, अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविक शामिल हैं।
मंत्रालय के अनुसार, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो, यूनान के प्रधानमंत्री क्यारियाकोस मित्सोटाकिस, कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओलझास बेक्टेनोव और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने भी ‘एआई इंपैक्ट समिट’ में शामिल होने की पुष्टि की है।
मंत्रालय ने बताया कि सर्बिया के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर वुसिक, स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, सेशेल्स के राष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्ले, स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय परमेलिन और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक शूफ भी शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा, 45 से अधिक देशों के मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी ‘एआई इंपैक्ट समिट’ में शामिल होंगे।उसने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेज और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी विचार-विमर्श में हिस्सा लेंगे।मंत्रालय के मुताबिक, शिखर सम्मेलन में दुनिया और भारत की अग्रणी कंपनियों के 40 से अधिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भी शामिल होने वाले हैं।

