उप्र : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर में विकास कार्यों की समीक्षा की
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सहारनपुर में विकास कार्यों की समीक्षा की और मां शाकुंभरी देवी मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर लोकमंगल की कामना की।
सहारनपुर, भाषा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सहारनपुर में विकास कार्यों की समीक्षा की और मां शाकुंभरी देवी मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर लोकमंगल की कामना की।एक आधिकारिक बयान के मुताबिक योगी सहारनपुर में मां शाकुंभरी देवी सिद्धपीठ मंदिर पहुंचे और निर्माणाधीन पर्यटन विकास परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यटन कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सोविनियर शॉप, टॉयलेट ब्लॉक, टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर, मल्टीलेवल पार्किंग की प्रगति की समीक्षा की।
इसके उपरान्त उन्होंने भूरादेव एवं सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की।विकास कार्यों के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में पूर्ण कराया जाए तथा अक्टूबर माह में पूर्ण होने वाली परियोजनाओं को शारदीय नवरात्रि तक तय मानकों के साथ पूरा कराएं।
उन्होंने भूरा देव मंदिर से शाकुंभरी देवी मंदिर तक निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड का कार्य यथाशीघ्र पूरा किया जाने के निर्देश भी दिए।बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने 19 मार्च से शुरू होने वाले चैत्र नवरात्र के अवसर पर सुरक्षा, स्वच्छता एवं सुव्यवस्था पर विशेष ध्यान देने तथा पूरे मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले में तैनात किए जाने वाले कार्मिकों की काउंसलिंग की जाए और उन्हें बेहतर व्यवहार के लिए सजग किया जाए। मेला परिसर को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाए। बिना भेदभाव हर किसी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। सुरक्षा के दृष्टिगत एंटी रोमियो स्क्वाड सक्रियता से कार्य करे। परम्परा के विपरीत कार्य करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। सुरक्षा के दृष्टिगत सिविल डिफेंस एवं एनजीओ को भी जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरुकता की आवश्यकता है। उन्होंने सफाईकर्मियों के साथ भी बैठक करने और डम्पिंग स्थल का चयन दूरस्थ क्षेत्र में करने का निर्देश दिया।योगी ने कहा कि मेले में प्लास्टिक को प्रतिबंधित किया जाए और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। पुरुष एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग प्रसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मेले को सुव्यवस्थित सम्पन्न करवाने के लिए भीड़ प्रबंधन के दृष्टिगत आवश्यक कार्य किए जाएं।
श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल एवं अच्छी गुणवत्ता का भोजन तथा प्रसाद मिले, जिसमें किसी प्रकार की मिलावट न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मेला परिसर में पार्किंग की दर निर्धारित हो, जो कि साधारण रखी जाए। अवैध वसूली न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
निरीक्षण के दौरान संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास राज्य मंत्री जसवंत सैनी, राज्यमंत्री (लोक निर्माण) ब्रजेश सिंह, समेत विधायक एवं संबंधित अधिकारियों सहित भाजपा संगठन के पदाधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

