केंद्रीय योजनाओं के आवंटन में भारी कटौती का दिव्यांग जनों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा: एनपीआरडी
नेशनल प्लेटफॉर्म फॉर द राइट्स आफ डिसेबल्ड (एनपीआरडी) ने रविवार को कहा कि केंद्रीय बजट में 'दिव्यांगों' के लिए कौशल प्रशिक्षण सहित घोषित योजनाएं, उन अप्रभावी योजनाओं की ही एक और कड़ी हैं जो दिव्यांगों के लिए रोजगार सृजित करने में विफल रही हैं।
नयी दिल्ली, भाषा। नेशनल प्लेटफॉर्म फॉर द राइट्स आफ डिसेबल्ड (एनपीआरडी) ने रविवार को कहा कि केंद्रीय बजट में 'दिव्यांगों' के लिए कौशल प्रशिक्षण सहित घोषित योजनाएं, उन अप्रभावी योजनाओं की ही एक और कड़ी हैं जो दिव्यांगों के लिए रोजगार सृजित करने में विफल रही हैं। एनपीआरडी ने यहां जारी एक बयान में कहा कि केंद्र की प्रमुख योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और कृषि के लिए आवंटन में भारी कटौती का दिव्यांग जनों और उनके परिवारों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
एनपीआरडी ने कहा, “मोदी सरकार का यह बजट स्पष्ट रूप से कॉरपोरेट और अमीरों के पक्ष में है, जो असमानता और हाशिए पर पड़े व्यक्तियों की स्थिति को और बढ़ाता है। दिव्यांगों के लिए यह बजट उपेक्षा नहीं बल्कि उनके अधिकारों की सक्रिय रूप से अवहेलना है।” उसने कहा है कि दिव्यांगों के अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत, भारत दिव्यांगों के लिए समानता, गैर-भेदभाव और पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है।
उसने कहा, ‘‘हालांकि दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्लूडी) के कुल आवंटन में मामूली वृद्धि हुई है, लेकिन यह वृद्धि मुख्य रूप से घोषित की गई दो नयी योजनाओं पर ही खर्च होगी। आवंटन कुल बजट आवंटन का लगभग 0.0286 प्रतिशत है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 0.008 प्रतिशत है।’’

