दिल्ली में पानी के बिल पर अधिशुल्क माफी योजना 15 अगस्त तक बढ़ायी गयी : मंत्री प्रवेश वर्मा
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने पानी के बिल पर अधिशुल्क (भुगतान में देरी पर लगाया जाने वाला जुर्माना) माफी योजना की समयसीमा बढ़ाकर 15 अगस्त कर दी है और तीन लाख से अधिक लोग अब तक इस योजना का लाभ उठा चुके हैं।
नयी दिल्ली, भाषा। दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने पानी के बिल पर अधिशुल्क (भुगतान में देरी पर लगाया जाने वाला जुर्माना) माफी योजना की समयसीमा बढ़ाकर 15 अगस्त कर दी है और तीन लाख से अधिक लोग अब तक इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने बताया कि घरेलू श्रेणी में 16 लाख से अधिक उपभोक्ताओं पर जल बिल का बकाया है। वर्मा ने बताया कि योजना लागू होने के बाद से उपभोक्ताओं को अब तक 1,493 करोड़ रुपये की छूट दी जा चुकी है, जबकि दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा 430 करोड़ रुपये की राशि राजस्व के रूप में सफलतापूर्वक वसूली गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगले ‘बिलिंग’ चक्र के बाद वसूली में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद है, जब उपभोक्ताओं को अधिशुल्क माफी को दर्शाते हुए अद्यतन बिल प्राप्त होंगे।’’ उन्होंने बताया कि अब तक 3.30 लाख उपभोक्ताओं ने पानी के बिल पर अधिशुल्क माफी योजना का लाभ लिया है। सरकार का लक्ष्य दिल्ली जल बोर्ड के 5,000 करोड़ रुपये के बकाया की वसूली करना है, जबकि लगभग 11,000 करोड़ रुपये के अधिशुल्क को माफ किया जा रहा है।
गौरतलब है कि 14 अक्टूबर को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घरेलू उपभोक्ताओं के पानी बिल पर देरी से भुगतान करने पर लगाए अर्थदंड को 31 जनवरी तक पूरी तरह माफ करने की घोषणा की थी। समयसीमा बढ़ाने के फैसले पर वर्मा ने कहा, ‘‘हमें जनप्रतिनिधियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएश से योजना की समयसीमा बढ़ाने के लिए लगातार अनुरोध मिल रहे थे।
इसके अलावा, डीजेबी की बिलिंग प्रणाली में कई समस्याएं हैं, जिनके कारण जो लोग योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। अब हम इन समस्याओं को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।’’ उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ‘जल लोक अदालत’ शुरू करने की योजना बना रही है, जहां बिलिंग से जुड़ी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा सकेगा। नयी योजना के तहत उपभोक्ताओं को केवल मूल राशि का भुगतान करना होगा, जबकि पूरे अधिशुल्क को एकमुश्त राहत के तौर पर पूरी तरह माफ किया जा रहा है।

