ओवैसी ने पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले पांच लाख पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र रद्द करने का आरोप लगाया

नेशनल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
On

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में लगभग पांच लाख पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र रद्द कर दिए गए हैं।

हैदराबाद, भाषा। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में लगभग पांच लाख पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र रद्द कर दिए गए हैं, जिनमें से अधिकांश मुस्लिम समुदाय के हैं।यहां एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने तृणमूल कांग्रेस शासित पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने दावा किया कि पूर्वी राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों में लगभग 55 लाख लोगों की भागीदारी को लेकर उनका भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।उन्होंने आगे कहा कि चुनावी राज्य के मतदाताओं में मुसलमानों की संख्या 30 प्रतिशत है।उन्होंने कहा, "लगभग पांच लाख पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र रद्द कर दिए गए हैं,

जिनमें से अधिकतर मुस्लिमों के हैं। अन्याय की कई कहानियां हैं।"ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम ने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा गठित आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के साथ गठबंधन किया है।

संबंधित समाचार