शास्त्री समर चैतन्य महाराज ने चौथे दिन सुनाई राजा बली की कथा

नेशनल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
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जनपद के गांव उलाऊ में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन, कथावाचक शास्त्री समर चैतन्य महाराज ने श्रद्धालुओं को राजा बलि की कथा सुनाई।

नेशनल एक्सप्रेस ब्यूरो, फ़िरोज़ाबाद (विपिन कुमार)। जनपद के गांव उलाऊ में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन, कथावाचक शास्त्री समर चैतन्य महाराज ने श्रद्धालुओं को राजा बलि की कथा सुनाई। उन्होंने राजा बलि के महान दानवीरता और भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा का विस्तार से वर्णन किया, जिसने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। कथावाचक शास्त्री जी ने बताया कि राजा बलि एक प्रतापी और दानवीर राजा थे, जिन्होंने अपने अहंकार पर विजय प्राप्त कर सर्वस्व दान कर दिया।

भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया और राजा बलि से तीन पग भूमि दान में माँगी। राजा बलि ने बिना सोचे-समझे यह दान स्वीकार कर लिया। भगवान वामन ने दो पग में ही संपूर्ण पृथ्वी और आकाश को नाप लिया और तीसरे पग के लिए राजा बलि से स्थान पूछा। राजा बलि ने अपना सिर आगे कर दिया, जिससे प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें अमरता का वरदान दिया और पाताल लोक का राजा बनाया।

कथा के माध्यम से महाराज ने दान के महत्व और अहंकार त्यागने की शिक्षा दी। इस दौरान चंद पाल यादव ,संतोष बिहारी, प्रदीप कुमार, रंजीत यादव, सुनील यादव ,राधा लक्ष्मी, प्रेम लता ,विक्रम यादव ,विनय यादव ,जसवीर सिंह, राजेश यादव ,अरविन्द गिरी ,सर्वेश विनीता ,रेनू भारती ,सृष्टि आदि के साथ अन्य भक्तगढ़ उपस्थित रहे।

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