समुद्र मंथन और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
टूंडला क्षेत्र के गांव बसई में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक संत विष्णु चेतन महाराज ने समुद्र मंथन, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और दही लूट की मनमोहक लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया।
नेशनल एक्सप्रेस ब्यूरो, फिरोजाबाद। टूंडला क्षेत्र के गांव बसई में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक संत विष्णु चेतन महाराज ने समुद्र मंथन, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और दही लूट की मनमोहक लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनकर श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए और पूरे कथा पंडाल में जयकारों की गूंज सुनाई दी।टूंडला क्षेत्र के गांव बसई में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
कथा व्यास संत विष्णु चेतन महाराज ने अपने प्रवचनों में समुद्र मंथन की कथा का विस्तृत वर्णन करते हुए बताया कि देवताओं और दैत्यों ने मिलकर समुद्र मंथन किया, जिससे अनेक दिव्य रत्नों की उत्पत्ति हुई। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि धैर्य, सहयोग और विश्वास से जीवन के अमृत की प्राप्ति होती है।उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का भी अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। जैसे ही कृष्ण जन्म का प्रसंग आया, पूरा कथा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा।
श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे और भगवान की लीलाओं का रसपान किया।महाराज श्री ने दही लूट की लीला का भी बड़ा रोचक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि बाल रूप में भगवान श्रीकृष्ण की माखन चुराने और दही लूटने की लीला केवल बाल्य शरारत नहीं, बल्कि भक्तों के प्रेम को स्वीकार करने का प्रतीक है। भगवान अपने भक्तों के प्रेम के आगे सब कुछ स्वीकार कर लेते हैं।
कथा के दौरान यज्ञपति के रूप में फूलवती और नेत्रपाल सिंह उपस्थित रहे, वहीं परीक्षत के रूप में महावीरी देवी और लाल सिंह ने श्रद्धापूर्वक कथा का श्रवण किया।कथा के अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान के जयकारों के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कथा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिनमें सुखनंदन सिंह, निरोत्तम सिंह, रामवीर सिंह, दीपक चौधरी, आजाद जैन, बच्चू सिंह, पप्पू, ज्ञानेंद्र, संजय, कृपाल सिंह, ओमप्रकाश, समीर उर्फ भीमा, भीमा, अनुज उर्फ रामू, देव चौधरी, मनीष उर्फ मनेका, पवन सिंह, नारायण सिंह, अनूप उर्फ अनुआ, अंकित, विशेष उर्फ भोला, प्रांशु, सत्यम, अजय, अनिल, अमित, बंटी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

