माहे रमज़ान में जरूरतमंदों व असहाय लोगों की मदद करने का मौका : शराफत हुसैन
माहे रमजान इबादत,संयम और नेकी, रहमतों, बरकतों का पाक महीना है,जिसमें रोजे के साथ कुरान की तिलावत, तरावीह और पांच वक्त की नमाज़ पढ़ना बहुत जरूरी है।
नेशनल एक्सप्रेस, मुरादाबाद (फहीम अंसारी)। माहे रमजान इबादत,संयम और नेकी, रहमतों, बरकतों का पाक महीना है,जिसमें रोजे के साथ कुरान की तिलावत, तरावीह और पांच वक्त की नमाज़ पढ़ना बहुत जरूरी है। यह समय त्याग और आत्मसंयम सिखाता है, साथ ही जरूरतमंदों को जकात, सदका और फितरा देकर मदद करने की खास अहमियत है। जनपद मुरादाबाद की नगर पंचायत भोजपुर धर्मपुर के स्थानीय लोगों ने माहे रमजान के इस पाक महीने में सभी से अपील की है कि रमजान के मुबारक महीने में कुरान की तिलावत और पांच वक्त की नमाज का सिलसिला जारी रखें।

इसी के बीच मस्जिदों में भी काफी नामाजियों की तादाद दिखाई दे रही है।शराफत हुसैन सदस्य हैंडलूम यूपिका ने कहा कि रमजान का महीना इबादत, सब्र और इंसानियत का पैगाम देता है,उन्होंने रोजेदारों से अधिक से अधिक इबादत करने, जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में भाईचारा बनाये रखने की अपील की। सभासद गयासुद्दीन ने कहा कि लोग अपने गुनाहों की माफी के साथ-साथ अपने मुल्क की खुशहाली और तरक्की के लिए दुआएं मांगे। किसान यूनियन नेता वली मुहम्मद ने कहा कि रोजेदार पांच वक्त की नमाज और कुरान पाक की तिलावत प्रमुखता से करें।
जावेद इदरीशी ने कहा कि माहे रमज़ान नेकी का बड़ा रास्ता है साथ ही रमजान मुबारक के महीने में गरीबों की दिल खोलकर मदद करें और अपने रब से अपने गुनाहों की तौबा मांग कर अपने रब को राजी रखें। हम सबको अल्लाह पाक ने रमजान मुबारक का महीना नसीब फरमाया है, इसलिए इसकी कद्र करनी चाहिए और अपनी जिंदगी में ईमान को मजबूत करना चाहिए। अल्लाह पाक ऐसे इंसानों की मदद करता है जो अल्लाह के नबी के बताए हुए रास्तों पर अमल करें और अपनी व अपने परिवार की हिफाजत के साथ-साथ दूसरों की भी हिफाजत करें।
दूसरों की मदद करें, चाहे वह किसी भी धर्म का व्यक्ति हो। हम सब अल्लाह की रजा और मुल्क की तरक्की व खुशहाली के लिए दुआएं करें। पूर्व सभासद प्रत्याशी मौ0 दानिश ने बताया कि रमजान के इस महीने में अल्लाह पाक की रहमत बरसती है। रमजान में मुसलमान अपने अल्लाह की इबादत में लगा रहता है, जिसका फल अल्लाह अपने बंदों पर अपनी रहमत अता कर देता है।

